सतना : कोलगवां थाना अंतर्गत शहर के पुराने बस स्टैण्ड के निकट स्थित बैंक कालोनी क्षेत्र में सोमवार की दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब 11 वर्षीय बालक की निर्मम हत्या की घटना सामने आई. बालक का रक्त रंजित शव उसी के घर में नीले ड्रम में छिपाकर रखा गया था. इस मामले में जो व्यक्ति प्रमुख संदेही के तौर पर सामने आ रहा है उसके घर और दुकान पर न सिर्फ ताला लटका हुआ है, बल्कि उसका मोबाइल भी बंद हो चुका है.आस पास के घरों में रोजमर्रा का काम निबटा कर दोपहर लगभग 3 बजे जब श्रीमती आशा रजक अपने घर पहुंचीं तो दरवाजे पर ताला लटका मिला. उनके 11 वर्षीय बेटे शिवराज रजक का एक जूता दरवाजे के बाहर पड़ा था और घर के अंदर से पंखा चलने की आवाज आ रही थी.
यह देखते ही आशा को फौरन किसर अनहोनी की शंका हुई और वह बिना देरी किए कोलगवां थाने पहुंच गईं. जहां पर उन्होंने अपने पड़ोसी 45 वर्षीय मथुरा रजक पर संदेह जताया. आशा ने स्पष्ट आरोप लगाया कि उसके बेटे के गायब होने में मथुरा का हाथ है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम बैक कालोनी में संतोष विश्वकर्मा के मकान में पहुंच गई. इसी मकान में श्रीमती आशा अपने परिवार के साथ किराए से रहती हैं.
उक्त मकान में ही मथुरा भी किराए का कमरा लेकर रहता है. मामले को समझने के बाद पुलिस टीम ने दरवाजे पर लटक रहे ताले को तोड़ दिया. लेकिन जब पुलिस टीम ने कमरे के अंदर प्रवेश किया तो वहां का दृश्य देख उनके पैरों तले भी जमीन खिसक गई. कमरे में बिस्तर पर खून से सना एक तकिया पड़ा मिला. लिहाजा पुलिस ने सावधानी बरतते हुए कमरे की तलाशी लेनी शुरु की. पुलिस ने जैसे ही कमरे में रखे नीले ड्रम का ढक्कन उठाया तो उसमें बालक शिवराज का रक्तरंजित शव रखा मिला.
यह जानकारी सामने आते ही शिवराज की मां आशा चिघ्घाड़ मार रोने लगीं. मामले की गंभीरता को देखते हुए थोड़ी ही देर में कोलगवां थाना प्रभारी सुदीप सोनी, फोरेंसिक अधिकारी डॉ. महेेंद्र सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर शिवेश सिंह बघेल भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए. पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल सहित आस पास के क्षेत्र का बारीकी से मुआयना करते हुए आवश्यक साक्ष एकत्र किए. जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया. पुलिस के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी के हर संभव प्रयास जारी हैं. वहीं परिजनों सहित अन्य लोगों से पूछताछ कर घटना के पीछे की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है.
गला रेत कर हत्या
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई कि बालक की हत्या हंसिए से गला रेत कर की गई है. हत्या में प्रयुक्त हंसिया भी रसोई के प्लेटफार्म पर रखी मिली. जिसके बाद पुलिस टीम ने प्रमुख तौर संदेही बताए जा रहे मथुरा रजक के बारे में खोजबीन शुरु की. लेकिन मथुरा के कमरे में जहां ताला लटका हुआ था वहीं राखी ड्रई क्लीनर्स नाम की उसकी दुकान भी बंद थी. इतना ही नहीं बल्कि उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ बता रहा था. जिसे देखते हुए पुलिस ने पड़ोसियों सहित परिजनों से पूछताछ करते हुए मथुरा के बारे में जानकारी जुटानी शुरु कर दी.
घर में अकेला था बालक
बताया गया कि बालक शिवराज कक्षा 5 का छात्र था और सोमवार की दोपहर अपने घर में अकेला था. उसकी मां आशा जहां दूसरें के घरों का काम निबटाने के लिए गई हुई थी. वहीं उसकी बड़ी बहन पढ़ाई करने के लिए गई हुई थी. इसी कड़ी में शिवराज का बड़ा भाई मजदूरी करने के लिए गया बाद वे सतना से नयागांव चले गए थे. एक दिन पहले ही वे वहां से लौटकर सतना आए थे. इस दौरान रमेश ने मथुरा को इस बात के लिए कड़ी फटकार लगाई थी कि वह उनकी पत्नी आशा को परेशान करता रहता है. इसे लेकर दोनों के बीच काफी देर तक कहासुनी हुई थी.
निर्मम हत्या क्यों..?
घटना के संबंध में स्थानीय रहवासियों के जरिए जो जानकारी निकलकर सामने आई उसके अनुसार मथुरा पहले से ही विवाहित था. लेकिन इसके बावजूद भी वह शिवराज की मां आशा के पीछे पड़ा रहता था. यह भी बताया गया कि मथुरा लगातार आशा पर इस बात का दबाव बना रहा था कि वह उसके साथ शादी कर ले. जिसके चलते न सिर्फ आशा बल्कि उनके पति रमेश भी मथुरा की इन हरकतों से काफी परेशान थे. जिसे लेकर कई बार विवाद भी हो चुका था. लेकिन विवाद अथवा रंजिश पालने के चलते कोई व्यक्ति 11 वर्ष के बालक की गला रेत कर निर्मम हत्या कर देगा, इस तर्क पर स्थानीय लोग सहमति नहीं जाहिर कर रहे हैं. अलबत्ता कुछ लोगों द्वारा यह आशंका भी जाहिर की जा रही है कि संभवत: बालक ने कुछ ऐसा देख लिया हो, जिसे दुनियां से छिपाने के लिए उसकी हत्या के अलावा कोई और विकल्प न बचा हो
