सिलीगुड़ी, (वार्ता) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा तंज कसते हुए पूछा कि क्या वह पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री का पद पाना चाहते हैं।
श्री खरगे ने कूचबिहार में एक चुनावी रैली में कहा, “प्रधानमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने के बजाय, वह मोदी राज्यों का दौरा कर रहे हैं और पश्चिम बंगाल में डेरा डाले हुए हैं। वह यहाँ इतना समय क्यों बिता रहे हैं? क्या वह यहाँ के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं?”
महिला आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए श्री खरगे ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिला आरक्षण विधेयक का विरोध नहीं किया था, बल्कि उन्हें ‘परिसीमन विधेयक’ पर आपत्ति थी। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संसद में घिर गई थी।
श्री खरगे ने आरोप लगाया कि परिसीमन का कदम पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है और इसे पश्चिम बंगाल तथा तमिलनाडु के चुनावों को ध्यान में रखकर लाया गया है। उन्होंने सवाल किया, “यह प्रक्रिया 2010 में शुरू हुई और फिर 2023 में उठाई गई। आप इतने सालों तक चुप क्यों थे? चुनाव से ठीक पहले ही क्यों जागे?” उन्होंने भाजपा को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि अगर मंशा साफ होती, तो 2023 में पारित महिला आरक्षण अब तक लागू हो गया होता।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री चुनावी फायदे के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का नए सिरे से निर्धारण (परिसीमन) कर हेरफेर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “बिना जनगणना कराए परिसीमन लाना गलत है। अगर आप जनगणना पूरी कर लेते, तो हम समर्थन करते।” उन्होंने मांग की कि चुनावों के बाद केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।
प्रधानमंत्री पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए श्री खरगे ने कहा कि वह देश को धार्मिक और सामाजिक आधार पर बांट रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा के पास मजबूत जनादेश नहीं है और अगर 2024 में कांग्रेस को 25 सीटें और मिल जातीं, तो भाजपा ‘शक्तिहीन’ होती।
श्री खरगे ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर बंगाल की संस्कृति और विरासत को कमजोर करने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की भी संक्षिप्त आलोचना करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल दोनों सत्ता संघर्ष में उलझे हैं और देश के हित में काम नहीं कर रहे हैं।
आजादी के मुद्दे पर श्री मोदी के दावों को चुनौती देते हुए श्री खरगे ने पूछा, “1947 में आजादी कौन लाया? कांग्रेस की क्या भूमिका थी?” उन्होंने बी.आर. अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू और वल्लभभाई पटेल जैसे नेताओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि 2014 के बाद से संविधान और लोकतंत्र को कमजोर किया गया है। उन्होंने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
कांग्रेस नेता ने मतदाताओं से भाजपा के खिलाफ एकजुट होने और जनता के साथ खड़े होने वाले उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील की।
