मंत्रिमंडल की पीएमजीएसवाई-तृतीय दो साल बढ़ा, 83,977 करोड़ रुपये का परिव्यय मंजूर

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (वार्ता)। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना(पीएमजीएसवाई)-तृतीय को मार्च 2028 तक जारी रखने को मंजूरी दी है।

सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय की प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत ग्रामीण बस्तियों को कृषि बाजारों, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और अस्पतालों से जोड़ने वाले ‘थ्रू रूट्स’ और ‘प्रमुख ग्रामीण लिंक’ का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इसके लिए कुल वित्तीय परिव्यय बढ़ाकर 83,977 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

मंत्रिमंडल के फैसले के अनुसार, मैदानी क्षेत्रों में सड़कों और पुलों के निर्माण तथा पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण के शेष कार्यों को पूरा करने की समय-सीमा मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है। वहीं, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में पुलों के निर्माण की अवधि मार्च 2029 तक विस्तारित की गई है।

सरकार ने 31 मार्च 2025 से पहले स्वीकृत उन सभी कार्यों को भी आगे बढ़ाने की अनुमति दी है, जिनका अब तक आवंटन नहीं हो सका था। इसके साथ ही पहले से स्वीकृत मार्गों पर 161 नए लंबे पुलों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है, जिन पर लगभग 961 करोड़ रुपये की लागत आएगी। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए इसके कुल परिव्यय को मूल 80,250 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 83,977 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

सरकार का मानना है कि योजना की समय-सीमा बढ़ने से ग्रामीण सड़कों के सुधार कार्य पूरे हो सकेंगे और सामाजिक-आर्थिक लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी आएगी। इससे कृषि और अन्य उत्पादों की बाजार तक पहुंच आसान होगी, परिवहन लागत घटेगी और ग्रामीण आय में वृद्धि होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुलभ होगी, खासकर दूरदराज क्षेत्रों में। साथ ही, निर्माण गतिविधियों और ग्रामीण उद्यमों के विस्तार से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह पहल ग्रामीण-शहरी अंतर को कम करने और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक मानी जा रही है।

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