नई दिल्ली। लोकसभा में आज नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित कराने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। सदन में प्रस्ताव के पक्ष में अपेक्षित दो तिहाई बहुमत नहीं जुटा पाए, जिसके चलते यह विधेयक पारित नहीं हो सका।
मतदान के दौरान बिल के समर्थन में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सदस्यों ने इसके विरोध में मतदान किया। इस तरह कुल 528 सदस्यों की मौजूदगी के बावजूद विधेयक आवश्यक बहुमत हासिल करने में असफल रहा।
विधेयक को लेकर सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। समर्थकों ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, वहीं विरोधी दलों ने इसके विभिन्न प्रावधानों पर आपत्ति जताई।
अब इस विधेयक का भविष्य अनिश्चित हो गया है और माना जा रहा है कि सरकार इसे संशोधनों के साथ दोबारा पेश कर सकती है।
