ग्वालियर: भारत सरकार द्वारा लागू किये गये आउटसोर्स और ठेका प्रथा से जुड़े चार श्रम कानूनों के विरोध में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी संघ ने बड़े आंदोलन की दिशा में कदम बढ़ा दिये हैं। इसी कड़ी में पंजाब के अमृतसर में 18 अप्रैल को बृहद राष्ट्रीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर के कर्मचारी नेता और पदाधिकारी एकजुट होंगे।संघ के अनुसार इन नये कानूनों में चार विवादास्पद प्रावधान हैं — ठेका प्रथा को निजी क्षेत्र में स्थायी रूप से लागू करना, कर्मचारियों के संगठित होकर हड़ताल करने के अधिकार पर रोक, सभी सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग को स्थायी बनाना और श्रमिकों को न्याय के लिये न्यायालय में अपील के अधिकार से वंचित करना।
राष्ट्रीय कर्मचारी महासंघ इन चारों प्रावधानों का पुरजोर विरोध कर रहा है। अमृतसर बैठक में संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बब्लू चौधरी टाइगर, राष्ट्रीय महामंत्री एवं वरिष्ठ कर्मचारी नेता राकेश चौहान, राष्ट्रीय महासचिव किशोर सारसर की उपस्थिति रहेगी। बैठक में चार सूत्री मांगों पर विचार किया जाएगा — ठेका प्रथा समाप्त कर सीधी सरकारी भर्ती, मोबाइल ऐप आधारित हाजिरी का विरोध, सभी राज्यों में एकसमान वेतनमान और कर्मचारियों के शोषण पर रोक।
राष्ट्रीय महामंत्री राकेश चौहान ने स्पष्ट कहा कि सरकार के इन नियमों को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मोबाइल हाजिरी व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए प्रशासन से मांग की कि जिन कर्मचारियों के पास स्मार्टफोन नहीं है, उन्हें रजिस्टर के माध्यम से हाजिरी दर्ज करने की अनुमति दी जाए।इस राष्ट्रीय बैठक में भाग लेने के लिये ग्वालियर से संघ के पदाधिकारियों का दल आज गुरुवार 16 अप्रैल की रात 10 बजे रवाना होगा।
