सतना :कला संकाय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अक्सर इस बात का मलाल रहता है कि परीक्षा में उत्कृष्ट प्रयास करने के बावजूद भी उन्हें गणित अथवा विज्ञान विषय के छात्रों की तरह शत प्रतिशत अंक प्राप्त नहीं हो पाते हैं. लेकिन उत्कृष्ट विद्यालय व्यंकट क्र. 1 की कक्षा 12वीं की छात्रा आराध्या सिंह ने इतिहास जैसे विषय में 100 में से 100 अंक प्राप्त कर इस मिथक को तोड़ दिया है. इस बेहतर प्रदर्शन के चलते आराध्या ने जिले की मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त करने में सफलता हासिल की है.आराध्या के पिता संतोष सिंह निजी क्षेत्र में नौकरी करते हैं और उनकी माता दीपा सिंह गृहणी हैं.
अपेक्षाकृत कम आय की वजह से परिवार के सामने आर्थिक कठिनाइयां भी बनी रहती हैं. लेकिन इसके बावजूद भी माता-पिता ने आराध्या के बेहतर भविष्य के लिए हर संभाव शिक्षा दिलाने में कोई कसर नहीं रख छोड़ी. माता-पिता के संघर्ष को आराध्या ने भी हमेशा गंभीरता से लिया और उनके सपनों को पूरा करने के लिए जो जान से मेहनत करती रही. उत्कृष्ट विद्यालय व्यंकट क्र. 1 की दूरी आराध्या के घर से 10 किमी से भी अधिक थी. लेकिन इस तरह की बाधाओं को उसने कभी अपनी पढ़ाई में आड़े नहीं आने दिया. वहीं विद्यालय में पदस्थ इतिहास विषय के उच्च माध्यमिक शिक्षक मोहित गर्ग ने आराध्या की मेहनत और लगन को बखूबी समझा.
जिसके चलते शिक्षक श्री गर्ग द्वारा समय समय पर न सिर्फ आराध्या के मनोबल को बढ़ाया गया बल्कि बेहतर मार्गदर्शन देते हुए उसे उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी गई. नतीजतन कक्षा 12 वीं की परीक्षा का परिधाम बुधवार को जब सामने आया तो आराध्या ने इतिहास विषय में 100 में से 100 अंक प्राप्त कर इतिहास रच दिया. इस प्रदर्शन के चलते आराध्या को जिले की मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ. इतिहास विषय में शत प्रतिशत अंक लाने के साथ ही आराध्या ने हिंदी, अंग्रेजी, सामाज शास्त्र और राजनीति विज्ञानजैसे सभी विषयों में डिस्टिंक्शन माक्र्स प्राप्त किए हैं. अपनी इस सफलता से उत्साहित आराध्या का कहना है कि आगे की पढ़ाई पूरी कर वह सिविल सेवा में जाना चाहती है.
