भिंड: भिंड जिले के गोरमी कस्बे में एक दुखद घटना घटी है, एक तीन-मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई. आग पहली मंजिल पर स्थित एक फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में किसी अज्ञात कारण से लगी. तेजी से पूरी इमारत में फैल गई. लकड़ी और ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण आग तेजी से भड़क उठी और एक विकराल रूप ले लिया. घटना के समय परिवार के सभी सदस्य ऊपरी मंजिलों पर थे. जिसके चलते दम घुटने से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
यह घटना गोरमी कस्बे में मेहगांव रोड पर हुई. इस दुखद घटना ने एक हंसते-खेलते और खुशहाल परिवार की खुशियां छीन लीं. घर के परिसर में ही स्थित फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान से काले धुएं के घने बादल उठने लगे. इससे पहले कि कोई समझ पाता कि आखिर हो क्या रहा है, लकड़ी के फर्नीचर और रसायनों ने आग को इतनी तेजी से भड़का दिया कि पूरी तीन-मंजिला इमारत उसकी चपेट में आ गई. घटना की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया.
आगजनी की इस घटना में 80 लाख रुपये की संपत्ति जिसमें तीन मोटरसाइकिलें, फ़र्नीचर, एक रेफ़्रिजरेटर, एक एयर कंडीशनर, एक टेलीविजन और एक कूलर शामिल थे जलकर राख हो गई. घटना के समय अरुण उपाध्याय का पूरा परिवार ऊपरी मंजिल पर था. परिसर में फैल रहा जहरीला धुआं, आग की लपटों से भी ज्यादा खतरनाक साबित हुआ. दम घुटने के कारण अरुण की पत्नी सुनीता उपाध्याय की मौके पर ही मृत्यु हो गई. अपनी जान जोखिम में डालकर स्थानीय निवासियों ने परिवार को छत के रास्ते बाहर निकालकर बचाया और तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया.
दो लोग गंभीर रुप से घायल
इस दुर्घटना में 55 वर्षीय अरुण उपाध्याय के पिता रामसेवक उपाध्याय और उनके 9 वर्षीय बेटे वाशु को गंभीर रूप से जलने की चोटें आई हैं. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है
