
इंदौर। इंदौर के लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 21वीं सदी का एक ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय है, जिससे महिलाओं का तेजी से सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा।
उन्होंने बताया कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार ऐसे निर्णय ले रही है, जो महिलाओं को अधिकार, सम्मान और आत्मनिर्भरता प्रदान करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने तीन तलाक समाप्त करने जैसे निर्णयों को महिला सम्मान और अधिकारों की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
डॉ. यादव ने इंदौर की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए अहिल्याबाई होल्कर को सुशासन और नारी शक्ति की प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने संकट के समय महिलाओं की सेना बनाकर अपनी शक्ति का परिचय दिया। साथ ही रानी दुर्गावती और रानी लक्ष्मीबाई के पराक्रम का उल्लेख करते हुए नारी शक्ति की ऐतिहासिक परंपरा को रेखांकित किया.
कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, सासंद शंकर लालवानी, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, मधु वर्मा, गोलू शुक्ला, सुश्री उषा ठाकुर उपस्थित थे।
