
उज्जैन। धर्म, संस्कृति और आध्यात्म का अद्भुत संगम बनी 118 किलोमीटर की पंचक्रोशी यात्रा का शुभारंभ होते ही पूरा उज्जैन अंचल भक्ति और सेवा भाव से सराबोर हो गया। सिर पर गठरी, नंगे पैर, तपती धूप और मन में अटूट आस्था लिए हजारों श्रद्धालु इस कठिन यात्रा पर निकले हैं। यह यात्रा केवल परंपरा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, पुण्य लाभ और भगवान महाकाल की कृपा प्राप्ति का जीवंत माध्यम मानी जाती है।
पंचक्रोशी यात्रा का प्रत्येक पड़ाव श्रद्धा, संयम और सेवा का संदेश देता है। जीवन के वास्तविक सुख को भौतिक साधनों में नहीं, बल्कि भक्ति, सत्कर्म और समर्पण में देखने की प्रेरणा यह यात्रा देती है। प्राचीन काल से चली आ रही यह परंपरा आज भी उतनी ही जीवंत है, जहां ग्रामीण अंचलों से आने वाले श्रद्धालु कठिन परिस्थितियों में भी अपनी आस्था को सर्वोपरि रखते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के तहत आयुष विभाग द्वारा करोहन में नि:शुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर लगाया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्वास्थ्य लाभ लिया। शिविर में रक्तचाप, शुगर और हीमोग्लोबिन की जांच कर आवश्यक आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण किया गया। आयुर्वेद के ‘दैवव्यपाश्रय चिकित्सा’ सिद्धांत के अनुसार जप, तप और तीर्थ यात्रा को स्वास्थ्य और पुण्य से जोड़ा गया, जिससे यह यात्रा शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों रूपों में लाभकारी सिद्ध हो रही है।
महापौर टटवाल भी साथियों संग-दिया स्वच्छता का संदेश
यात्रा के शुभारंभ पर जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी उल्लेखनीय रही। महापौर मुकेश टटवाल, पार्षदगण ने नागचंद्रेश्वर मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चन कर यात्रा प्रारंभ की, और श्रद्धालुओं के साथ पैदल चलकर स्वच्छता का संदेश दिया गया। कपड़े के थैले वितरित कर पॉलीथिन के उपयोग से बचने की अपील की गई, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी यात्रा के साथ जुड़ गया। कुल मिलाकर धार्मिक आस्था और मानवीय सेवा का विराट रूप देखने को मिल रहा है। यह यात्रा न केवल श्रद्धालुओं के लिए पुण्य अर्जन का अवसर है, बल्कि समाज को जोडऩे, सेवा भाव जगाने और भारतीय संस्कृति को सशक्त रूप से आगे बढ़ाने का भी माध्यम बन गई है।
महाकाल की और से अन्नदान
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा प्रमुख पड़ाव करोहन स्थित श्री कायावहरणेश्वर महादेव मंदिर पर नि:शुल्क भोजन प्रसादी वितरण के लिए विशेष स्टॉल स्थापित किया गया है। यहां स्वच्छ, शुद्ध भोजन के साथ पेयजल, बैठने और विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बता दें कि पंचक्रोशी यात्रियों के लिए तो शहर की अनेक संस्थाएं सेवा कर रही है।
