डेटा और टेक्नोलॉजी से सफल सिंहस्थ के दिए संकेत

उज्जैन: सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों को लेकर नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे का दौरा और उनकी सक्रियता यह दर्शाती है कि प्रशासन इस विशाल आयोजन को लेकर पूरी गंभीरता और दूरदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है. महाकाल की नगरी में होने वाला यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि व्यवस्थापन की दृष्टि से भी एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण और व्यापक कार्य है.

नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे, जो पूर्व में उज्जैन कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, शहर की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक संरचना से भली-भांति परिचित हैं. यही अनुभव वर्तमान तैयारियों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. उज्जैन पहुंचने के बाद से ही उनके द्वारा लगातार बैठकों का दौर जारी है, जिसमें उन्होंने सिंहस्थ की तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की.

स्थानीय अफसरों से लिया फीडबैक
संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, आईजी राकेश गुप्ता, एसपी प्रदीप शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. इसके अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के साथ नगर निगम की योजनाओं और अधोसंरचना विकास कार्यों पर भी नगरी प्रशासन आयुक्त संकेत भोडवे ने विस्तार से चर्चा की गई.

मैदानी स्तर का परखा काम
अफसरों के साथ चर्चा के बाद श्री भोंडवे द्वारा मैदानी स्तर पर निरीक्षण भी किया. जीवनखेड़ी से पंवासा क्षेत्र तक उनका दौरा इस बात का संकेत है कि वे केवल कागजी योजनाओं तक सीमित न रहकर, जमीनी हकीकत को समझते हुए निर्णय ले रहे हैं. चूंकि वे पहले भी उज्जैन में कार्य कर चुके हैं, इसलिए स्थानीय परिस्थितियों की उनकी समझ योजनाओं को व्यावहारिक रूप देने में सहायक सिद्ध हो रही है.

मोबिलिटी प्लान पर चर्चा
सिंहस्थ 2028 के संदर्भ में आयोजित उच्च स्तरी चर्चा के दौरान मोबिलिटी प्लानिंग, यातायात प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. प्रशासन का अनुमान है कि इस महापर्व में लगभग 30 करोड़ श्रद्धालु शामिल हो सकते हैं, जिनमें से करीब 80 प्रतिशत लोग सड़क मार्ग से उज्जैन पहुंचेंगे. इस विशाल संख्या को देखते हुए इंदौर और देवास से आने वाले प्रमुख मार्गों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.

ट्रैफिक का पूर्व अनुमान
यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा. माइक्रोस्कोपिक और मैक्रोस्कोपिक ट्रैफिक सिमुलेशन के माध्यम से विभिन्न परिस्थितियों में यातायात का पूर्वानुमान लगाया जाएगा. साथ ही, सामान्य दिनों और विशेष पर्वों के दौरान वाहनों की प्रति घंटा आवाजाही का डेटा संग्रहण कर वैज्ञानिक आधार पर योजना तैयार की जा रही है.

वाहनों की क्षमता का आकलन
संभागायुक्त आशीष सिंह द्वारा रेलवे, बस और निजी वाहनों की वहन क्षमता का आंकलन कर एक समग्र और विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं. विशेष रूप से द्वितीय और तृतीय शाही स्नान के दौरान संभावित अत्यधिक भीड़ को ध्यान में रखते हुए कनेक्टिंग रोड्स की क्षमता बढ़ाने और उनके भौतिक निरीक्षण पर जोर दिया गया है.

सेफ्टी ऑडिट और ब्लैक स्पॉट
पैदल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए घाटों का निर्माण किया जा रहा है. वहीं लॉजिस्टिक्स प्लानिंग को पूरी तरह डेटा-आधारित और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से तैयार किया जाएगा, जिसमें मांग का सटीक अनुमान, मॉडलिंग और ट्रैफिक रूटिंग शामिल होगी. आयुक्त संकेत भोंडवे ने निर्देश दिए हैं कि सभी प्रमुख मार्गों का समयबद्ध रोड सेफ्टी ऑडिट किया जाए और शहर के ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जाएं. आगामी छह महीनों के भीतर दिशा सूचक संकेतक बोर्ड और वेरिएबल मैसेजिंग साइन अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे यात्रियों को मार्गदर्शन मिल सके और दुर्घटनाओं में कमी आए.

चार्जिंग स्टेशन बनाओ
इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ई-वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं. सिंहस्थ के दौरान बाहर से आने वाले इलेक्टि्रक वाहनों के लिए शहर के प्रमुख स्थलों- जैसे मंदिर, मॉल, शासकीय कार्यालयों के आसपास- पर पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे.

सफल आयोजन के लिए उज्जैन हो तैयार
कुल मिलाकर, सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियां एक समन्वित, तकनीकी और व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही हैं. आयुक्त संकेत भोंडवे के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित सुविधाएं मिल सकें, और उज्जैन एक बार फिर इस वैश्विक धार्मिक आयोजन का सफल आयोजन कर सके

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