
उज्जैन। ऑनलाइन टास्क के नाम पर 8.50 लाख की ठगी करने वाले एक आरोपी को राज्य साइबर सेल की टीम ने जोधपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने रिश्तेदारों साथियों के साथ मिलकर म्युल खाता ऑपरेट करता था और ठगी की राशि का ट्रांजैक्शन करता था। राज्य साइबर सेल पुलिस अधीक्षक सब्यसाची सराफ आपने बताया कि नामदारपुरा उज्जैन निवासी हुसैन (बदला हुआ नाम) जो वाहन फाइनेंस का काम करते है, उन्होंने शिकायत दर्ज करवायी थी कि एक वाट्सएप ग्रुप में जोडक़र हर दिन कुछ मिनट में गुगल मेप्स पर रिव्यू देने का टास्क दिया गया था, जिसे पूरा करने पर 5 स्टार रेटींग देकर उसका स्किनशॉट ग्रुप में भेजा, इस 150 रुपये की प्राप्त हुए। कुछ और टास्क पूरा करने पर 150 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक प्राप्त हुए। इसके बाद उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोडक़र एक वेबसाइट पर अकाउंट बनाने का बताया और विभिन्न टास्क पूरा करने पर कहा गया कि आप प्रो मेम्बर बन गये हंै। अब आपको अपनी प्रोफाइल में रुपये जमा करने है जिस पर टास्क पूरा करने पर 5 से 20 गुना राशि प्राप्त होगी। विश्वास कर विभिन्न बैंक खातों में 8.5 लाख रुपये जमा करवाये। इसके बाद जब आवेदक द्वारा टास्क पुरा कर की गई कमाई को निकालने का प्रयास किया तो 6 लाख रुपये और जमा करने का बताया गया। इस पर अपने साथ ठगी का एहसास हुआ। शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई, विवेचना दौरान आये डिजिटल तथ्य व अन्य तकनीकी जानकारी के आधार एक टीम जोधपुर रवाना की गई। 4 दिन तक प्रयास कर जोधपुर गौतम पिता जेठाराम गोदारा निवासी ग्राम रुपाणा जोताणा, लोहावट, जिला फलौदी, राजस्थान को गिरफ्तार किया गया।
इस तरह शिकार बनाता था आरोपी
आरोपी ने पूछताछ पर बताया की उसके चचेरे भाई त्रिलोक गोदारा द्वारा उसे विभिन्न बैंको के लागइन आईडी और पासवर्ड व वन टाइम पासवर्ड प्रदान किये जाते थे। आरोपी जिसे अपने मोबाइल फोन व लेपटाप में लाग इन कर त्रिलोक गोदारा के बताये अनुसार अन्य बैंक खातो में ट्राजेक्शन करता था। आरोपी के बैंक खातों में त्रिलोक अन्य लोगों के माध्यम से रुपये ट्रॉसफर करवाता था। आरोपी द्वारा बताया गया उसका भाई एवं उसके क्षेत्र के कुछ लोग बैंक खातों में लेन देन का काम करते है। आरोपी के कब्जे से घटना में सामग्री जब्त की है।
