
भोपाल। भोपाल शहर कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को राज्य सरकार पर अद्यतन मास्टर प्लान लागू न करने का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक लापरवाही और खराब शहरी नियोजन को जिम्मेदार ठहराया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शहर अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने कहा कि भोपाल का अंतिम स्वीकृत मास्टर प्लान वर्ष 1995 का था, जो 2005 में समाप्त हो गया था, उस समय शहर की आबादी लगभग 11 लाख थी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में कांग्रेस सरकार के दौरान मास्टर प्लान 2031 तैयार किया गया था, लेकिन सरकार गिरने के बाद उसे लागू नहीं किया जा सका। वर्तमान में भोपाल की आबादी 25 से 30 लाख के बीच पहुँच चुकी है, जिसके बावजूद शहर का विस्तार बिना किसी सुनियोजित योजना के हो रहा है। उन्होंने 1.20 लाख से अधिक अवैध निर्माणों का भी हवाला दिया।
सक्सेना ने ट्रैफिक जाम, पानी की कमी, खराब सीवरेज और मूलभूत सुविधाओं के अभाव जैसी समस्याओं को रेखांकित किया। कांग्रेस ने नए मास्टर प्लान को तत्काल लागू करने, कॉलोनियों के नियमितीकरण और देरी के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।
