जबलपुर : शहर की सड़कें दिन ब दिन सिकुड़ती जा रही हैं। चौड़ी चौड़ी सड़कों के किनारे बने फुटपाथ अब गायब हो चुके हैं और पैदल चलने वाले हादसे का शिकार हो रहे हैं। इसकी तस्वीर रामपुर चौक से शक्ति नगर की ओर जाने वाले मार्ग पर रोजाना देखने को मिल रही है। यहां सड़को के किनारे बने फुटपाथो पर दुकानों का सामान सजाया जा रहा है। पहले तो ये दुकानें यहां अतिक्रमण कर संचालित की जा रही है। इसके अलावा फुटपाथों पर भी अवैध कब्जा किया जा चुका है। क्षेत्र में बनी कॉलोनियों से स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए अब फुटपाथ नहीं बचे हैं वही बुजुर्गों के लिए सुबह की सैर मुश्किल हो गई है। शहर की लगभग हर सड़को के किनारे यही कहानी और दास्तां हैं।
प्राइवेट स्पेस बने फुटपाथ
नियमों को ताक पर रखकर धडल्ले से सार्वजनिक फुटपाथ अब प्राइवेट स्पेस बना दिए गए हैं। यानी पब्लिक के चलने का अधिकार भी छीन लिया गया। सिर्फ रामपुर मार्ग में ही नहीं नवभारत द्वारा की गई पड़ताल में देखा गया कि शहर के ज्यादातर फुटपाथ अतिक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। निराशा के साथ कहना बताना पड़ रहा है कि जहां-जहां नवभारत टीम गई, वहां ज्यादातर फुटपाथ या तो टूटे हुए थे, या फुटपाथ पर कब्जा हो चुका था वही कहीं पर पार्किंग बना रखी थी, तो कहीं रेहड़ी ठेले वाले अवैध दुकान लगाए बैठे हुए थे।
