
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने दो दशक पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के खिलाफ दायर मानहानि के मामले की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने हाईकोर्ट कि रजिस्ट्री को निर्देश दिए हैं कि निचली अदालत से बुलवाकर प्रकरण की अपडेट रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।
2003 में दिग्विजय सिंह ने भोपाल के सीजेएम कोर्ट में मानहानि का यह मामला दायर किया था। जिसमें कहा गया था कि उमा भारती ने मीडिया से बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह पर कुछ गंभीर आरोप लगाए थे। इस बयान से उनकी छवि को नुकसान हुआ था। सुनवाई के दौरान दिग्विजय सिंह की ओर से सभी गवाहों के बयान हो गए थे। उमा भारती की ओर से नरेन्द्र बिरथरे को गवाह बनाया गया। दिग्विजय सिंह की ओर से आग्रह किया गया कि नरेन्द्र बिरथरे को दोबारा बुलाकर उनका प्रति परीक्षण किया जाए। इस आवेदन को सीजेएम कोर्ट ने 29 अगस्त 2017 को निरस्त कर दिया। इसके खिलाफ दायर पुनरीक्षण अर्जी भी 25 सितंबर 2017 को खारिज कर दी गई । इन दोनों आदेशों को चुनौती देते हुए दिग्विजय सिंह की ओर से 2017 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान दिग्विजय सिंह की ओर से अधिवक्ता ने निचली अदालत में हो रहे विलंब की दलील दी। कोर्ट ने पाया कि कि मामले की वर्तमान स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है।
