
सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय मे उन्नत अनुसंधान केंद्र द्वारा अल्ट्रा परफॉरमेंस लिक्विड क्रोमैटोग्राफी (यू.पी.एल.सी.) पर एक दिवसीय हैंड्स ऑन प्रशिक्षण का आयोजन क्रिमिनोलॉजी और फोरेंसिक साइंस विभाग में किया गया।
उन्नत अनुसंधान केंद्र की मुख्य समन्वयक, प्रो. श्वेता यादव की पहल पर सी.ए.आर. में उपलब्ध विभिन्न परिष्कृत उपकरणों पर कार्यशालाओं का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। डॉ. विवेक कुमार पांडे (प्रभारी, सी.ए.आर.) ने केंद्र के संक्षिप्त परिचय के साथ सत्र की शुरुआत की और ऐसे कार्यक्रमों के महत्व के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी ।व्याख्यान सत्र में मुख्य वक्ता प्रो. देवाशीष बोस ने प्रतिभागियों को एप्लाइड साइंसेज के विविध क्षेत्र में क्रोमैटोग्राफी और उन्नत उपकरणों के उपयोग की महत्ता को बताया और यू.पी.एल.सी. तकनीक के इतिहास, सामान्य परिचय, सिद्धांत आदि की व्यवहारिक रूप से जानकारी दी। डॉ. सोनी चौरसिया ने यू.पी.एल.सी. तकनीक के लिए सैम्पल तैयार करने और इस तकनीक के अनुप्रयोगों के बारे में उदाहरण के साथ बहुत ही बुनियादी से लेकर उन्नत स्तर तक जानकारी प्रदान की।हैंड्स ऑन सत्र प्रो. देवाशीष बोस द्वारा यू.पी.एल.सी. उपकरण के हार्डवेयर भाग और इसके सहायक उपकरणों के संक्षिप्त परिचय के साथ शुरू हुआ। प्रो. बोस ने विभिन्न पृष्ठभूमि से सैम्पल तैयार करने पर विशेष जोर दिया। सैम्पल तैयार करने के लिए प्रतिभागियों को 04 समूहों में विभाजित किया गया। प्रत्येक समूह ने अपने सैम्पल का विश्लेषण किया। प्रतिभागियों को सैम्पल तैयार करने, उसके विश्लेषण से लेकर डेटा व्याख्या तक की पूरी जानकारी प्रदान की गई। प्रतिभागियों की रुचि के क्षेत्र से संबंधित प्रश्नों पर विचार किया गया एवं उनका उत्तर दिया गया।
