अब सरकारी सिस्टम चलाएगा निजी यात्री बसे

उज्जैन: सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन संभाग में यात्री परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. राज्य सरकार ने नई परिवहन व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत निजी यात्री बसों को सरकारी ढांचे के अंतर्गत संचालित करने की योजना बनाई गई है. इसके लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के गठन के साथ क्षेत्रीय स्तर पर उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड को जिम्मेदारी दी गई है.

इस नई व्यवस्था के तहत उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) के सीईओ संदीप सोनी को उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है. उन्होंने पदभार संभालते ही परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. आईएसएस मनीष सिंह जो कि जनसंपर्क आयुक्त हैं वे इस कंपनी के सचिव हैं. मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के प्रबंध संचालक को अध्यक्ष के तौर पर नामित किया गया है.

कलेक्टर और निगम आयुक्त भी शामिल
कंपनी का निदेशक मंडल भी गठित कर दिया गया है, जिसमें उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा को डायरेक्टर बनाया गया है. इसके अलावा पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के मुख्य अभियंता को भी बोर्ड में शामिल किया गया है. किसी भी जनप्रतिनिधि को कंपनी में नहीं रखा गया है, पहले उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल उक्त कंपनी के अध्यक्ष थे.

उज्जैन संभाग से शुरूआत
नई व्यवस्था केवल उज्जैन शहर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका संचालन पूरे उज्जैन संभाग-देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच और रतलाम तक किया जाएगा. योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भी बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और नियमित परिवहन सुविधा मिल सकेगी. पूर्व में मनीष सिंह उज्जैन आकर योजना का खाका तैयार कर चुके हैं.

100 इलेक्ट्रॉनिक बसें भी आएगी
सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं. उज्जैन में 100 इलेक्टि्रक सिटी बसें चलाने की तैयारी है, जिनका संचालन मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसकी क्षेत्रीय कंपनी उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा. इन बसों से श्रद्धालुओं और यात्रियों को शहर और आसपास के क्षेत्रों में सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा.

डिपो पर बनेगा चार्जिंग स्टेशन
इसी के साथ मक्सी रोड स्थित पुराने बस डिपो को अत्याधुनिक ई-बस डिपो के रूप में विकसित किया जा रहा है जहां चार्जिंग स्टेशन सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी. पुराने अनुपयोगी बसों के पुर्जे और कबाड़ सामग्री की नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि नए परिवहन ढांचे के लिए स्थान और संसाधन तैयार किए जा सकें.

मुख्यमंत्री के गृह नगर से नवाचार
महाकाल की नगरी उज्जैन, जो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गृह नगर भी है, वहां लंबे समय से व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को समयबद्ध बस सेवा मिलेगी और बस संचालन में होने वाले विवादों व अव्यवस्थाओं पर भी लगाम लग सकेगी. उज्जैन से नवाचार किए जाने से अधिकारी भी रोमांचित है.

परिवहन का मजबूत नेटवर्क
सरकार का मानना है कि सिंहस्थ-2028 से पहले सड़कों, फ्लाईओवर, ब्रिज और सार्वजनिक परिवहन के मजबूत नेटवर्क के साथ उज्जैन को एक आधुनिक और सुगम धार्मिक पर्यटन शहर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा सुविधा मिल सकेगी

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