
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट से महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान भोपाल से संबद्ध प्रदेश के 11 विद्यालयों के सैकड़ों छात्रों को बड़ी राहत मिली है। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने इन विद्यालयों में अध्ययनरत 9वीं एवं 11वीं कक्षा के छात्रों जिन्होंने क्रमश: एमपी बोर्ड या सीबीएसई से उत्तीर्ण की है, उन्हें 10वीं एवं 12वीं कक्षा के फॉर्म भरने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने 27 जून 2024 की नई नीति के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी, जिसमें अन्य बोर्डों से उत्तीर्ण छात्रों को संस्कृत बोर्ड के विद्यालयों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी।
मां जगदंबा संस्कृत विद्यालय रायसेन सहित अन्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नरिंदरपाल सिंह रूपराह और अधिवक्ता सुश्री मुस्कान आनंद ने पक्ष रखा। दरअसल, पूर्व में संस्कृत बोर्ड अपने संबद्ध विद्यालयों को यह अनुमति देता था कि वे ऐसे छात्रों को प्रवेश दें जिन्होंने अपनी पिछली कक्षा एमपी बोर्ड भोपाल या सीबीएसई से उत्तीर्ण की हो। अचानक बिना किसी औचित्य के नीति में परिवर्तन कर दिया गया। इस निर्णय से हजारों छात्र प्रभावित हुए और 11 विद्यालयों को इस राहत हेतु उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय ने कहा उक्त विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को बुधवार से चार दिनों के भीतर फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए। आवश्यक सभी दस्तावेजों का सत्यापन प्रतिवादी-संस्था द्वारा अगले चार दिनों के भीतर किया जाएगा। तत्पश्चात छात्र चार दिनों के भीतर परीक्षा शुल्क जमा करेंगे। सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूर्ण करने के पश्चातए सरकार उन्हें नियमों के अनुसार प्रवेश पत्र जारी कर परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति देगी।
