जबलपुर: पनागर थाना अंतर्गत ग्राम सिमरिया में बीती रात पुलिस और गौसेवकों ने घेराबंदी क्रूरतापूर्वक े 31 गौवंशों को आयर ट्रक में ठूस-ठूस कर नागपुर ले जाए जाते पकड़ा है। मवेशियों को ट्रक से मुक्त कराया गया, जिनमें से अत्यधिक क्रूरता के कारण 4 मवेशियों की मौत हो चुकी थी । गौवंश तस्करी का भंडाफोड होने के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर तीन तस्करों को दबोच लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक विद्यासागर वार्ड निवासी गौसेवक रोहित साहू को मिली कि माला गांव निवासी नेमचंद यादव और उसका बेटा सिंगलदीप क्षेत्र के आवारा और पालतू मवेशियों को इक_ा कर आयसर ट्रक में लोड करवा रहे है जिन्हे नागपुर भेजने की योजना है। सूचना मिलते ही रोहित साहू अपने अन्य सहयोगियों के साथ कार से सिमरिया रोड पहुंचे।
घेराबंदी देख चलती गाड़ी से कूदे तस्कर हुए घायल
रात करीब 1 बजे जब संदिग्ध आयसर ट्रक आता दिखा, तो गौसेवकों ने पुलिस के साथ घेराबंदी कर रोकने की कोशिश की। पकड़े जाने के डर से ट्रक में सवार तस्करों ने चलती गाड़ी से कूदकर भागने का प्रयास किया, जिससे उन्हें चोटें भी आईं। हालांकि मौके से हुजैफ शेख (21) निवासी कालमना मंडी, नागपुर, मो. नईम (38 ) निवासी जनता नगर, सिवनी, अब्दुल समी (ड्राइवर) निवासी कान्हीवाड़ा, जिला सिवनी को पकड़ा लिया गया ।
रस्सियों से जकडक़र बांधे गए थे गौवंश
जब ट्रक की तलाशी ली गई, तो अंदर का दृश्य हृदय विदारक था। ट्रक के अंदर 16 गाय और 15 बछड़े (कुल 31 गौवंश) रस्सियों से इस कदर जकड़े हुए थे कि वे हिल भी नहीं पा रहे थे। ठूस-ठूस कर भरे होने के कारण दम घुटने से 2 गाय और 2 बछड़ों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया। जीवित गौवंश को तत्काल विद्यासागर गौशाला आश्रम समिति, गोसलपुर ले जाया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम और गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
