इंदौर:अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क में लंबे समय से सक्रिय और करीब दो दर्जन आपराधिक मामलों में शामिल अंतरराज्यीय ड्रग्स सप्लायर को आखिरकार क्राइम ब्रांच ने दबोच लिया. पुलिस से बचने के लिए भागने की कोशिश, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया. भागने के प्रयास में वह घायल भी हो गया. आरोपी राजस्थान के प्रतापगढ़ का रहने वाला है और इंदौर में ड्रग्स सप्लाई की बड़ी कड़ी माना जा रहा है.
एडीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मामले की शुरुआत पहले पकड़े गए चार आरोपियों रिजवान खोकर, फैजान मंसूरी, समीर लकारा और काजल उपाध्याय से हुई थी. इनके कब्जे से 24.08 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त हुई थी, जिसकी कीमत करीब 2.40 लाख रुपए आंकी गई. पूछताछ और मुखबिर सूचना के आधार पर फरार चल रहे वसीम खान का नाम सामने आया. पुलिस ने लगातार लोकेशन ट्रेस कर दबिश दी, दबिश के दौरान पुलिस को देखकर वसीम ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की घेराबंदी में फंस गया. भागते समय गिरने से उसके हाथ में चोट भी आई.
इंदौर में बड़ा नेटवर्क खड़ा कर चुका है आरोपी
जांच में खुलासा हुआ कि वसीम खान अन्य राज्यों से एमडी ड्रग्स लाकर इंदौर में छोटे सप्लायरों को सप्लाई करता था. वह शहर में बड़ा नेटवर्क खड़ा कर चुका था. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ राजस्थान और मध्यप्रदेश में पहले से करीब दो दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं. इंदौर में भी एनडीपीएस एक्ट के दो केस पहले से दर्ज हैं, जिससे उसकी आपराधिक गतिविधियों का लंबा रिकॉर्ड सामने आया है. फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है. दंडोतिया का कहना है कि वसीम से पूछताछ में ड्रग्स नेटवर्क के अन्य बड़े नाम और सप्लाई चेन से जुड़े लोगों का खुलासा होने की उम्मीद है।
