
देवास। शहर के तराणी कॉलोनी स्थित श्रीराम नर्सिंग होम की संचालिका डॉक्टर की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने ब्लैकमेलिंग के गंभीर मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, 4 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे एक महिला, जो सलूजा हॉस्पिटल में नर्स के पद पर कार्यरत है, एक अन्य महिला और उसके पति के साथ नर्सिंग होम पहुंची। उन्होंने बताया कि महिला तीन माह की गर्भवती है और गर्भपात कराना चाहती है। इस पर नर्सिंग होम संचालिका ने नियमों का हवाला देते हुए गर्भपात करने से साफ मना कर दिया।
इसके बाद 6 अप्रैल को महिला ने नर्सिंग होम संचालिका को वन मंडल कार्यालय के पास बुलाया, जहां पहले से मौजूद कुछ लोगों ने खुद को पत्रकार बताते हुए 4 अप्रैल का वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 15 लाख रुपए की मांग की।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी राजेश धनेचा ने पहले ही 9 लाख रुपए ले लिए थे और शेष राशि की मांग कर रहा था। रुपए देने से इनकार करने पर उसे धमकाया गया। मामले की शिकायत पर पुलिस ने राजेश धनेचा, अंकित सहित पांच लोगों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया।
एक अन्य आवेदन में कोठारी नर्सिंग होम की संचालिका ने भी बताया कि 2 अप्रैल को दो लोग उनके क्लीनिक पर आए थे और गर्भपात कराने की बात कर रहे थे। उन्होंने भी नियमों का हवाला देकर मना कर दिया था और स्पष्ट किया था कि उनके पास इस प्रकार की प्रक्रिया का पंजीयन नहीं है।
कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजेश धनेचा (बजरंग नगर), राम माल्या और नर्स शरीफा (मोती बंगला) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से 9 लाख रुपए नकद भी जब्त किए गए हैं।
थाना प्रभारी श्याम चंद्र शर्मा ने बताया कि मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें रवाना कर दी गई हैं।
पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
