
सीधी। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर ने नगर पालिका परिषद सीधी की अध्यक्ष श्रीमती काजल वर्मा के वित्तीय शक्तियों पर फिलहाल रोंक लगा दी है। न्यायाधीश
संदीप एन. भट्ट ने डब्ल्यूपी संख्या 11116-2026 की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिनांक: 06 अप्रैल 2026 को जारी किया। याचिका बृजेश सिंह बनाम मध्य प्रदेश राज्य और अन्य की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सिद्धार्थ शुक्ला एवं राज्य की ओर से सरकारी अधिवक्ता सुश्री कनक गहरवार विद्वान न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत हुए। स्वीकृति और अंतरिम राहत के प्रश्न पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के विद्वान अधिवक्ता ने बताया कि डब्ल्यूपी संख्या 10957/2024 और डब्ल्यूपी संख्या 9866/2026 (इंदौर पीठ) वाली समान याचिकाएं पहले ही स्वीकार की जा चुकी हैं और अंतरिम राहत प्रदान की जा चुकी है। उपरोक्त बातों को ध्यान में रखते हुए, आरएडी द्वारा प्रक्रिया शुल्क के भुगतान के लिए प्रतिवादियों को सात कार्यदिवसों के भीतर नोटिस जारी किया जाए, अन्यथा याचिका स्वतः ही खारिज हो जाएगी और आगे पीठ के समक्ष संदर्भित नहीं की जाएगी।
नोटिस तीन सप्ताह के भीतर वापस करने योग्य हों। विद्वान न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद आदेश किया कि
समानता बनाए रखने के लिए अंतरिम उपाय के रूप में, यह निर्देश दिया जाता है कि अगली सुनवाई की तिथि तक प्रतिवादी संख्या श्रीमती काजल वर्मा अध्यक्ष नगर पालिका परिषद सीधी पद के लिए उपलब्ध वित्तीय शक्तियों का प्रयोग न करें, यदि वह अधिसूचना जारी किए बिना अध्यक्ष के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही हैं। तीन सप्ताह बाद सूचीबद्ध करें।
