
विंध्य की डायरी डा. रवि तिवारी। भाजपा की युवा मोर्चा प्रदेश पदाधिकारियों की टीम तैयार हो गई है. गुरूवार की देर रात टीम की घोषणा कर दी गई, विंध्य को निराशा हाथ लगी. एक बार फिर महत्व न देकर उपेक्षा की गई. 56 पदों वाली कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष, महामंत्री, मंत्री, कार्यालय मंत्री, कोषाध्यक्ष और मीडिया प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद विंध्य से फिसल गये. जबकि मध्य क्षेत्र , मालवा, निमाड़, महाकौशल, बुंदेलखण्ड, ग्वालियर एवं चम्बल क्षेत्र को कार्यकारिणी में महत्व दिया गया है और बघेलखंड की एक तरह से उपेक्षा की गई. केवल सतना से मन की बात प्रभारी ध्रुव वीर विक्रम सिंह को बनाया गया है. जबकि अन्य जिलों से किसी को प्रदेश की टीम में शामिल नही किया गया है. कभी प्रदेश कार्यकारिणी में विंध्य का दबदबा होता था जो अब कम हो गया है. विंध्य क्षेत्र में चार लोकसभा व 30 विधानसभा सीट आती है, रीवा व शहडोल संभाग के 9 जिलो के बीच सिर्फ सतना को मौका मिला है. पिछले 2003 से लगातार विधानसभा चुनाव में विंध्य से सबसे ज्यादा विधायक चुन कर जा रहे है और चारो लोकसभा सीट भाजपा का गढ़ है. इसके बाद भी विंध्य क्षेत्र की उपेक्षा समझ से परे है. भाजपा युवा मोर्चा में निराशा के बादल छा गये है. क्या विंध्य में कार्यकर्ता पार्टी के मजबूती के लिये काम नही करते या फिर दूसरे शब्दो में कहे कि विंध्य का राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रदेश संगठन में बेहद कमजोर है. यही वजह है कि लगातार विंध्य की उपेक्षा हो रही है. जबकि सबसे ज्यादा सीटे विंध्य से ही पार्टी को मिलती रही है. विंध्य को जिस तरह से किनारे किया जा रहा है उससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी के साथ आने वाले समय में पार्टी को नुकसान भी हो सकता है.
आप पार्टी को लगा झटका
विंध्य में कांग्रेस और भाजपा के बाद तीसरे विकल्प के रूप में आम आदमी पार्टी उभर रही थी. विंध्य में कमजोर पड़ चुकी बसपा के बाद लगा था कि उसके स्थान पर आप पार्टी अपना स्थान बनाने में सफल होगी पर संगठन ही खड़ा नहीं हो पा रहा है. रीवा में पार्टी के अध्यक्ष राजीव सिंह परिहार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होने अपना इस्तीफा प्रदेश प्रभारी को भेजा है. इस्तीफे के पीछे भले ही उन्होने अपनी व्यस्तता बताई हो पर असल में उनकी नाराजगी निकल कर सामने आई है. संगठन के भतीर कुछ मुद्दो को लेकर असंतोष था जिसके चलते इस्तीफा दे दिया. इस्तीफे के दूसरे दिन ही पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद शर्मा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इन दोनो के इस्तीफे से पार्टी को बड़ा झटका लगा है. संगठनात्मक तौर पर पार्टी अभी अपने पैर नहीं जमा पा रही है. कई वर्षो बाद भी विंध्य में पार्टी संगठन को मैदानी स्तर पर खड़ा करने में असफल रही है.
संसद में गूंजा केन्द्रीय विवि का मुद्दा
सीधी संसदीय क्षेत्र के सांसद डा. राजेश मिश्रा ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान औद्योगिक कारिडोर एवं केन्द्रीय विश्वविद्यालय का मुद्दा उठाया. बरगवां से कटनी मार्ग को औद्योगिक कारिडोर के रूप में स्वीकृत प्रदान करने की मांग रखी गई. तो वही सांसद ने शून्यकाल में अपने लोकसभा क्षेत्र में केन्द्रीय विश्वविद्यालय खोलने की मांग रखी. सदन में बताया कि सम्पूर्ण लोकसभा क्षेत्र के अन्तर्गत एक भी विश्वविद्यालय नहीं है और उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिये 300 किलो मीटर तक का सफर करना पड़ता है. सांसद ने केन्द्रीय विश्वविद्यालय खोले जाने की मांग उठाई है.
एकता का पाठ पढ़ाकर गए प्रदेश अध्यक्ष
युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार विंध्य के दौरे पर पहुंचे. रीवा, सीधी में अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत बनाने के साथ बूथ स्तर पर सरकार की गलत नीतियों का खुलासा करने के साथ ही हर वर्ग के युवाओं को जोडऩे का संदेश दिया. अध्यक्ष ने आगामी चुनाव को लेकर अभी से मैदान में उतरने और संगठन को बूथ स्तर तक पहुंचाने का पाठ पढ़ाया. गुटबाजी को लेकर एकता और एक साथ मिलकर काम करने का भी संदेश कार्यकर्ताओं को देकर गये.
