सीहोर/ भैरूंदा। जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए भैरूंदा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है. सीलकंठ घाट सहित विभिन्न स्थानों पर संयुक्त टीम ने दबिश देकर जेसीबी, पोकलेन, लोडर और ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत कई मशीनें जब्त की हैं, जिससे रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है.
जिले में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है. खनिज विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने भैरूंदा क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई करते हुए सीलकंठ घाट पर दबिश दी. इस दौरान मौके से 4 जेसीबी, 2 पोकलेन, 2 लोडर, 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली और 1 पनडुब्बी ट्रैक्टर जब्त किए गए. जानकारी के अनुसार, भैरूंदा एसडीएम सुधीर कुशवाह, एसडीओपी रोशन जैन और खनिज विभाग की टीम ने बीती देर शाम अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया. टीम ने पहले उन वाहनों की जांच की, जो रेत परिवहन में लगे थे. रॉयल्टी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर रेत से भरे 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर भैरूंदा थाने की अभिरक्षा में सौंप दिया गया.
इसके बाद टीम ने सीलकंठ घाट स्थित नर्मदा नदी के किनारे दबिश दी, जहां बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किया जा रहा था. यहां से 3 जेसीबी, 2 पोकलेन, 1 लोडर मशीन और 1 पनडुब्बी ट्रैक्टर जब्त किए गए। इसके अलावा ग्राम चोरसाखेड़ी में भी कार्रवाई करते हुए 1 जेसीबी और 1 लोडर मशीन जब्त कर गोपालपुर थाने की सुपुर्दगी में दिया गया. इस पूरी कार्रवाई के दौरान तहसीलदार सौरभ शर्मा, खनिज निरीक्षक खुशबू वर्मा, नायब तहसीलदार रामदास गोरले, पटवारी राजेश धनवारे सहित राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे. प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बन गई है.
प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध रेत कारोबार के खिलाफ एक बड़ी पहल माना जा रहा है, लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह सख्ती लगातार बनी रहेगी या फिर कुछ दिनों बाद हालात फिर पहले जैसे हो जाएंगे. फिलहाल, इस कार्रवाई से रेत माफियाओं में डर का माहौल जरूर बना है.
केन्द्रीय मंत्री चौहान ने लगाई थी कड़ी फटकार
गौरतलब है कि नर्मदा नदी किनारे चल रहे अवैध रेत कारोबार को लेकर हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक के दौरान खनिज विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी और अवैध खनन का मामला उठाया था. उन्होंने अपने मोबाइल में अवैध उत्खनन का वीडियो दिखाते हुए कलेक्टर को साक्ष्य भी सौंपे थे और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे. इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और अवैध उत्खनन रोकने के लिए संयुक्त टीमें गठित की गईं.
विशेष टीम की सक्रियता पर सवाल
गौरतलब है कि केन्द्रीय मंत्री की फटकार के बाद शासन ने भी इसे गंभीरता से लिया था और अवैध खनन रोकने के टीम गठित करने के आदेश दिए थे. तीन जिलों के लिए गठित विशेष टीम ने शुरुआती दो दिनों में प्रभावी कार्रवाई कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी, लेकिन उसके बाद से टीम की सक्रियता कम होती नजर आ रही है. वर्तमान में जो कार्रवाई हो रही है, वह स्थानीय स्तर पर राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग के समन्वय से की जा रही है.
