
सीहोर। इन दिनों मौसम में नित नए बदलाव देखने को मिल रहे हैं. बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने कई किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है, आंधी तूफान ने शहरों व गांवों को तहस- नहस कर दिया. इस तूफान की चपेट में आने से कई मकानों के कवेलू व चादर उड़ गए, वहीं विशाल पेड़ भी प्रचंड हवा का वेग नहीं सह सके और जमींदोज हो गए. इतना ही नहीं मौसम के रौद्र रूप ने खंबों और ट्रांसफार्मर को नुकसान पहुंचाते हुए विद्युत वितरण कंपनी को लाखों रुपए का नुकसान पहुंचा दिया.
बीते दो दिन से मौसम के बदले मिजाज ने भले ही लोगों को भीषण गर्मी से निजात दिलाई हो, लेकिन इससे काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है. बुधवार को दोपहर में अचानक मौसम बदला और बादलों की तेज गडग़ड़ाहट और तेज हवाओं के साथ जोरदार पानी बरसा. इस दौरान कहीं- कहीं ओलावृष्टि भी हुई. नतीजतन थ्रेसिंग के लिए खलिहान में रखी व खेतों में खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचा. इसके अलावा खेतों में रखे भूसे के ढेर भी तेज हवाओं के कारण उड़ गए थे अथवा गीले हो गए थे.
इसी तरह गुरुवार को सुबह से आसमान साफ था. गर्मी व उमस ने लोगों को बेहाल कर रखा था. शाम तक ऐसी कोई संभावना नजर नहीं आ रही थी कि आगे चलकर मौसम विकराल रूप धारण कर लेगा. बीती रात लगभग 11 बजे अचानक मौसम बदला और तेज हवाएं बहने लगीं. हवाओं की रफ्तार इतनी तेज थी कि धूल के गुबार से आसमान ढंक गया था. लगभग 15 मिनट के आंधी तूफान ने कई कच्चे घरों के खपरैल और चादरों को उड़ाकर दूर फैंक दिया था. शहर में कल बड़ा बाजार और भोपाल नाके पर विशाल भंडारों का आयोजन किया गया था. वह भी मौसम के मिजाज के आगे टिक नहीं सके. आयोजन समिति को आनन- फानन में सारा सामान समेटना पड़ा. तेज हवाओं के चलते अफरा- तफरी का माहौल निर्मित हो गया था. लोग सुरक्षित स्थानों पर दुबक गए थे. इस दौरान बिजली गुल होने से संपूर्ण शहर और गांवों में अंधेरे का साम्राज्य स्थापित हो गया था.
तेज अंधड़ के कारण पुरानी कलेक्ट्रेट के समीप विशाल पेड़ गिर गया था जिससे यातायात बाधित हो रहा था. नपा के अमले ने जेसीबी की मदद से पेड़ को हटाते हुए आवाजाही शुरू की. इसी तरह टाउनहाल में भी एक पेड़ गिर पड़ा, वहीं सीमेंट रखने के लिए बनाए गए टीनशेड की चादरें भी उड़ गई थीं. इसके अलावा तेज हवाओं के कारण आम के बोर झड़ गए. बगीचों में कैरियां बिखरी नजर आ रही थीं. इससे भी काफी नुकसान हुआ है.
दिन के उजाले में दिखे तबाही के मंजर
देर रात चले जोरदार अंधड़ ने शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जमकर तबाही मचाई. सर्वाधिक नुकसान विद्युत वितरण कंपनी को झेलना पड़ा है. तेज आंधी के चलते कई पोल आड़े हो गए तो ट्रांसफार्मर भी जमीन पर आ गिरे. विद्युत वितरण कंपनी की मानें तो बीती रात आए आंधी तूफान के चलते सीहोर और इछावर के अलावा श्यामपुर क्षेत्र में भी काफी नुकसान हुआ है. 33 केवी के 33 पोल, 11 केवी के 139 पोल एवं एलटी के 49 पोल क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 55 ट्रांसफार्मर गिर गए अथवा क्षतिग्रस्त हो गए. इतना ही नहीं बढिय़ाखेड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में भी पोल गिर गए. विद्युत कंपनी का अमला पूरी रात मरम्मत कार्य में जुटा रहा. इसके बाद भी शहर के कई हिस्सों व ग्रामीण क्षेत्रों में अंधेरा बना रहा. विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि इस आंधी तूफान में लगभग 95 लाख रुपए का नुकसान हुआ है.
