इंदौर: एक दिन पहले शहर में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई और दूसरे दिन शहर में आठ स्थानों पर यातायात जाम हुआ. यातायात जाम सिर्फ 10-15 मिनट का नहीं, बल्कि दो से तीन घंटे तक शहर में वाहन चालक परेशान होते रहे. उक्त विषय को लेकर आज फिर हाईकोर्ट में पूर्व के आदेश पालन और वर्तमान स्थिति को लेकर विशेष सुनवाई हुई. हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर कलेक्टर, निगम आयुक्त और डीसीपी यातायात को उपस्थित होने के निर्देश दिए है.
आज जनहित याचिका डब्ल्यू.पी. क्रमांक 12234/2019 की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की. न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला एवं आलोक अवस्थी की बेंच ने वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागड़िया द्वारा राजलक्ष्मी फाउंडेशन की याचिका सुनवाई की. इस दौरान शहर में व्याप्त ट्रैफिक जाम, अव्यवस्थित यातायात प्रबंधन, ट्रैफिक सिग्नलों के समुचित संचालन के अभाव तथा नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े सवाल उठाए गए. सुनवाई में यह तथ्य रेखांकित किया गया कि उक्त प्रकरण में पूर्व में पारित आदेश, दिनांक 14.10.2019, आज भी पूर्ण कठोरता के साथ पालन हेतु प्रासंगिक है.
उक्त आदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से यह निर्देश दिए थे कि शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल 24 घंटे चालू और कार्यशील रखे जाएं. प्रमुख चौराहों पर विशेष रूप से पीक आवर्स में दो-दो ट्रैफिक कर्मियों/ कॉन्स्टेबल्स तैनात किए जाएं. कांस्टेबल की तैनाती सुबह 8 बजे से 12 बजे तथा शाम 5 बजे से रात्रि 11 बजे तक प्रभावी हो. आज हाईकोर्ट ने पूर्व आदेश को पुनः दोहराते हुए कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए. याचिकाकर्ता ने कहा कि यह मुद्दा आम नागरिकों के सुरक्षित आवागमन, समय की रक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और शहरी उत्तरदायित्व से जुड़ा हुआ है. मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर कलेक्टर, निगम आयुक्त तथा डीसीपी ट्रैफिक को 20 अप्रैल को उपस्थित होने के लिए कहा है.
