उज्जैन: सिंहस्थ महापर्व 2028 को लेकर उज्जैन में विकास कार्यों की रफ्तार तेज हो गई है. करोड़ों श्रद्धालुओं और हजारों संत-महात्माओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए शहर की सड़कों का चौड़ीकरण, घाटों तक बेहतर पहुंच, यातायात व्यवस्था और स्वच्छता सुधार के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं. इसी श्रृंखला में अब मोक्षदायनी मां शिप्रा के क्षेत्र और रामघाट तक जाने वाले मार्ग को चौड़ा किया जाएगा.
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बुधवार को विभिन्न मार्गों और घाट क्षेत्रों में अधिकारियों के साथ विस्तृत योजना मंथन किया. सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को रामघाट, सुनहरी घाट और अन्य घाटों तक सुगम पहुंच मिल सके, इसके लिए हरसिद्धि पाल से रामघाट और रामानुज कोट से दानीगेट चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण की योजना बनाई जा रही है. लगभग 4 करोड़ 58 लाख रुपये की लागत से हरसिद्धि पाल से रामघाट तक मार्ग चौड़ा किया जाएगा, जबकि रामानुज कोट से गणगौर दरवाजा होते हुए दानीगेट चौराहे तक लगभग 13 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से चौड़ीकरण कार्य किया जाएगा.
गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा कार्य
नवभारत से चर्चा में नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि चौड़ीकरण की योजना बनाते समय श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक मार्ग, सीवर लाइन, पीएचई पाइपलाइन और प्रकाश व्यवस्था को ध्यान में रखा जा रहा है, ताकि कार्य के दौरान भी आवागमन प्रभावित न हो. उन्होंने कहा कि महाकाल की सवारी से पहले चौड़ीकरण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा.
टाटा को देंगे नोटिस
आयुक्त ने रामघाट, रामानुज कोट, रूद्रसागर क्षेत्र और सुनहरी घाट पर भी फोकस किया, सुनहरी घाट पर टाटा कंपनी द्वारा पाइपलाइन शिफ्टिंग कार्य में पिछले दो दिनों से प्रगति नहीं होने पर संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी होगा.
सांदीपनि चौराहे से गाय बछड़ा चौराहा तक
सिंहस्थ की तैयारियों के तहत शहर के अन्य प्रमुख मार्गों का भी चौड़ीकरण किया जा रहा है. इसी क्रम में सांदीपनि चौराहे से गाय-बछड़ा चौराहा होते हुए उदयन मार्ग तक करीब दो किलोमीटर लंबे मार्ग पर भी आयुक्त ने चर्चा की, नगर निगम इस मार्ग के चौड़ीकरण पर लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है. सांदीपनि चौराहे से गाय-बछड़ा चौराहे तक 1.5 किलोमीटर लंबा मार्ग 30 मीटर चौड़ा किया जा रहा है, जबकि गाय-बछड़ा चौराहे से उदयन मार्ग तक लगभग 500 मीटर सड़क को 24 मीटर चौड़ा किया जा रहा है. वर्तमान में नाली निर्माण और विद्युत पोल शिफ्टिंग का कार्य जारी है.
अतिक्रमण भी हटाए जा रहे
सिंहस्थ की तैयारियों के साथ-साथ शहर की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी लगातार जारी है. देवास रोड, फ्रीगंज, कट चौक, छत्री चौक और गोपाल मंदिर क्षेत्र में मुख्य सड़कों पर रखे अवैध हाथ ठेले, गुमटियां और कूलर जब्त किए गए, जिससे मार्गों पर यातायात सुचारु हो सके। इसके साथ ही शहर की सुंदरता को प्रभावित करने वाले अवैध फ्लेक्स और होर्डिंग भी हटाए गए.
संतों, श्रद्धालुओं, पेशवाई के लिए मार्ग दुरुस्त
दरअसल, सिंहस्थ महापर्व के दौरान उज्जैन में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु आते हैं और संत-महात्माओं के अखाड़ों की पेशवाई, शाही स्नान और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं. ऐसे में प्रशासन का प्रयास है कि घाटों तक पहुंचने वाले मार्ग चौड़े और सुगम हों, यातायात व्यवस्था बेहतर रहे और शहर स्वच्छ व सुव्यवस्थित दिखाई दे.
सुंदर आकर्षक उज्जैन
शहर में चल रहे चौड़ीकरण, सफाई और अतिक्रमण हटाने जैसे कार्य केवल दैनिक यातायात सुधार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन को अधिक व्यवस्थित, सुगम और आकर्षक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं. इन विकास कार्यों से आने वाले समय में संतों और श्रद्धालुओं को आवागमन, स्नान और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने के दौरान बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी
