इंदौर: स्टॉक मार्केट में निवेश पर 200 प्रतिशत मुनाफा दिलाने का लालच देकर 22 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राज्य साइबर सेल इंदौर ने फर्जी फर्म के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है. आरोपी अपने भाई के साथ मिलकर फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों को ठग रहा था.साउथ तुकोगंज स्थित एक निजी कंपनी में एचआर मैनेजर पद पर कार्यरत फरियादी को लिंक्डइन के जरिए आरोपियों ने संपर्क किया.
खुद को एशियन मार्केट सिक्योरिटीज का प्रतिनिधि बताकर उसे एक लिंक भेजा, जिससे मोबाइल में ऐप डाउनलोड कराकर रजिस्ट्रेशन कराया. इसके बाद 200 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर फरियादी से तीन अलग अलग खातों से करीब 22 लाख रुपए निवेश के नाम पर ट्रांसफर करवा लिए. आरोपियों ने बाद में मुनाफा निकालने के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स जमा करने का झांसा भी दिया. व्हाट्सएप कॉल और चैट के जरिए लगातार संपर्क में रहकर अलग अलग राज्यों के बैंक खातों में रकम डलवाई गई.
आधार कार्ड में पता बदल-बदलकर बनाता था कंपनी
जांच में सामने आया कि आरोपी 31 वर्षीय आयुष गुप्ता निवासी चौपड़ा बाजार, जीरापुर जिला राजगढ़ अपने बड़े भाई के साथ मिलकर फर्जी फर्म बनाता था. इसके लिए वह अलग अलग जगह किराए के मकान लेकर आधार कार्ड में पता अपडेट कराता और उन्हीं पतों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर बैंक खाते खुलवाता था. आरोपी खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताकर खाते खुलवाकर अपने भाई को सौंप देता था. तकनीकी विश्लेषण में अब तक आरोपी के नाम से 18 बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनमें करोड़ों रुपए का लेनदेन सामने आया है.
साइबर सेल ने लोकेशन ट्रेस कर राजगढ़ जिले के जीरापुर क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार किया. पूछताछ में उसने अपराध कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया. पुलिस अधीक्षक सव्यसाची सराफ ने बताया कि आरोपी का बड़ा भाई पहले ही चंडीगढ़ साइबर पुलिस द्वारा डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है. मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है.
