
जबलपुर। विश्व ऑटिज्म दिवस सिर्फ एक दिन नहीं है बल्कि पूरे समाज को याद दिलाने का अवसर है कि ऑटिज्म ग्रसित व्यक्ति भी समाज का अभिन्न अंग है। इस दिन का उद्देश्य जगरूकता बढ़ाना, स्वीकृति को प्रोत्साहित करना और ऑटिज्म से प्रभावित व्यक्ति को बेहतर जीवन प्रदान करना है। हम ऑटिज्म के बारे में अधिक से अधिक जाने, भेदभाव समाप्त करें, उन्हें समाज में समान अवसर प्रदान करें। इस दिन को मनाकर हम स्नेह सहानुभूति और सहयोग प्रदान कर सकते हैं ताकि हर ऑटिज्म से प्रभावित व्यक्ति अपना जीवन खुलकर जी सके। ये बातें पत्रकारवार्ता के दौरान डॉ. प्रदीप दुबे, डॉ पवन धनघोरिया, डॉ खुशबू असरानी, डॉ पायल केसवानी, और डॉ अदिति काकोड़िया ने कहीं। उन्होनें इस मौके पर ये भी बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा भी इस दिन को मनाने के लिए विभिन्न संगठनों, सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
