
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में आयोजित राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र जोन-6) के दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन का भव्य समापन हुआ। इस गरिमामय समारोह में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के लगभग 40 युवा विधायकों ने सहभागिता की। समापन सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने युवा विधायकों को कर्तव्यनिष्ठा और दूरदर्शिता के साथ कार्य करने की पांच शपथ दिलाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘विकसित भारत 2047’ का विजन केवल एक सरकारी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों का साझा संकल्प है, जिसे नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही प्राप्त किया जा सकता है।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश सिंह ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज गति से उभरती अर्थव्यवस्था है। उन्होंने विश्वास जताया कि चुनौतियों पर विजय प्राप्त करते हुए आने वाली सदी भारत की होगी, जिसके लिए सकारात्मक और दूरदर्शी सोच के साथ कार्य करना अनिवार्य है। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि नेतृत्व विकास के लिए अनुशासन और समर्पण भाव आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि युवा विधायकों को अपने क्षेत्र में विकास को एक जनआंदोलन बनाना चाहिए और सुशासन के क्षेत्र में नवाचार का उपयोग करना चाहिए। तोमर ने विधायकों को ‘विद्यार्थी भाव’ बनाए रखने और निरंतर अध्ययन की महत्ता भी समझाई।
सम्मेलन के दौरान कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन इंडिया रीजन के डॉ. राहुल कराड़ ने विधायकों को उनके क्षेत्र का ‘ब्रांड एंबेसडर’ बताया और शासन व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व आधुनिक तकनीक के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विधानसभा के सात दशकों के इतिहास पर केंद्रित ‘विधायिनी’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया। सम्मेलन में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विभिन्न विधायकों ने तकनीक, स्वच्छता, सौर ऊर्जा, शिक्षा की गुणवत्ता और अधोसंरचना जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में युवा विधायकों ने सामूहिक रूप से पांच संकल्प लिए। इन संकल्पों में लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना, शासन और जनता के बीच पारदर्शी सेतु के रूप में कार्य करना, तकनीक के माध्यम से शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी जनहितकारी नीतियां बनाना और राजनीतिक दबावों के बीच ईमानदारी व प्रतिबद्धता से कार्य करने की प्रतिज्ञा शामिल है। समारोह में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ और विधानसभा सचिव अरविंद शर्मा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
युवा विधायकों के 5 मुख्य संकल्प
समापन सत्र में विधायकों ने सामूहिक रूप से निम्नलिखित प्रतिज्ञाएं लीं:
सक्रिय भागीदारी: लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना।
सेतु की भूमिका: जनता और शासन के बीच एक पारदर्शी कड़ी के रूप में कार्य करना और जन समस्याओं को विधानसभा तक पहुंचाना।
सशक्त नीतियां: शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में तकनीक का उपयोग कर दीर्घकालिक और प्रभावी नीतियां बनाना।
ईमानदारी और प्रतिबद्धता: राजनीतिक दबाव और संसाधनों की कमी के बावजूद ईमानदारी और दूरदर्शिता के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना।
शोध और अनुसंधान: विधायी चर्चाओं को प्रभावी बनाने के लिए शोध (Research) का सहारा लेना और खुद एक जागरूक नागरिक बनकर नेतृत्व करना।
