ईरान में ज़मीनी कार्रवाई की अटकलों के बीच, अमेरिका ने हिंद महासागर में तैनात की जल-थल सेना

वॉशिंगटन, 31 मार्च (वार्ता) ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिकी जमीनी अभियान की अटकलों के बीच, उभयचर आक्रमण पोत यूएसएस ट्रिपोली को हिंद महासागर में तैनात किया गया है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया पोस्ट में यह जानकारी दी। सेंटकॉम द्वारा जारी एक तस्वीर में 45,000 टन वजनी युद्धपोत को रविवार को हिंद महासागर में नौवहन करते हुए दिखाया गया, हालांकि ईरान से इसकी सटीक दूरी का खुलासा नहीं किया गया। अमेरिका के रक्षा विभाग द्वारा 26 मार्च को साझा की गयी तस्वीरों के अनुसार, ट्रिपोली पर 31वें समुद्री अभियान दल के लगभग 1,800 नौसैनिक तैनात हैं।

जारी दृश्यों में मरीन “जहाज़ रक्षा अभ्यास” में भाग लेते नजर आए। अमेरिकी नौसेना के आंकड़ों के मुताबिक यह पोत लगभग 1,850 नौसैनिकों के साथ करीब 1,200 नाविकों के दल को ले जाने में सक्षम है। इसके समर्थन में उभयचर परिवहन पोत यूएसएस न्यू ऑरलियन्स भी तैनात है, जो ट्रिपोली एम्फीबियस रेडी ग्रुप का हिस्सा है और अतिरिक्त 700 नौसैनिकों को समायोजित कर सकता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिकी बल ईरान के खार्ग द्वीप को निशाना बना सकते हैं, जो देश के लगभग 90 प्रतिशत तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र है। इसके जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी अमेरिकी सैनिक के उतरने की कोशिश पर उसे “नेस्तनाबूद” कर दिया जाएगा और वैश्विक ऊर्जा ढांचे पर हमले तेज किए जाएंगे।

इसी बीच, सैन्य जमावड़े के तहत लगभग 2,200 नौसैनिकों के साथ 11वां नौसैनिक अभियान दल को भी पश्चिम एशिया की ओर भेजे जाने की खबर है। इसके अलावा 82वीं वायुसेना इकाई के करीब 1,000 सैनिकों को क्षेत्र में तैनात किए जाने की सूचना है, जो बढ़ते तनाव के बीच व्यापक अमेरिकी सैन्य तैयारी का संकेत देता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब से अपने देश में तैनात अमेरिकी सैनिकों को हटाने का आग्रह किया है। यह बयान ईरानी सेना द्वारा सऊदी अरब स्थित एक अमेरिकी वायुसेना ठिकाने पर हमले के तीन दिन बाद आया। श्री अराघची ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “ईरान सऊदी अरब के साम्राज्य का सम्मान करता है और उसे एक भाईचारे वाला राष्ट्र मानता है। हमारी कार्रवाई उन आक्रामक दुश्मनों के खिलाफ है जो न तो अरबों और न ही ईरानियों का सम्मान करते हैं और न ही कोई सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता में “बेहद प्रगति” का दावा करने के बावजूद ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने संवाददाताओं से कहा कि “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” योजना के अनुसार सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 11,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है और ईरान की बैलिस्टिक तथा ड्रोन हमलों में 90 प्रतिशत की कमी आयी है।

Next Post

नासा के चंद्रमा मिशन आर्टेमिस-II के लिए उल्टी गिनती शुरू

Tue Mar 31 , 2026
वाशिंगटन, 31 मार्च (वार्ता) अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बुधवार को भेजे जाने वाले अपने चंद्रमा मिशन आर्टेमिस-II के लिए मंगलवार से उल्टी गिनती शुरू कर दी है। नासा ने आज एक अपडेट में कहा कि परीक्षण उड़ान के लिए उल्टी गिनती फ्लोरिडा में एजेंसी के कैनेडी स्पेस सेंटर में […]

You May Like