मास्को, 16 अगस्त (वार्ता) इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने शनिवार को अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच हुई बैठक के बाद कहा कि यूक्रेन शांति समझौता अभी भी मुश्किल है, लेकिन अंततः संभव है।
पुतिन और ट्रम्प अलास्का के एंकोरेज में शुक्रवार को तीन बनाम तीन प्रारूप के तहत वार्ता के लिए मिले, जो 2 घंटे 45 मिनट तक चली। राष्ट्रपतियों के अलावा, रूस का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव ने किया, और अमेरिका का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने किया।
इतालवी सरकार द्वारा जारी एक बयान में सुश्री मेलोनी के हवाले से कहा गया, “मैं इसे सकारात्मक मानती हूँ कि यूक्रेन में शांति की उम्मीद की किरणें दिखाई दे रही हैं। यह समझौता अभी भी मुश्किल है, लेकिन अंततः संभव है, खासकर अग्रिम मोर्चे पर महीनों के गतिरोध के बाद। केवल यूक्रेन ही शर्तों और अपने क्षेत्रों पर बातचीत कर सकता है।”
उन्होंने बताया कि पुतिन और ट्रम्प के बीच हुई चर्चा में अन्य बातों के अलावा, यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। उन्होंने आगे कहा कि ट्रम्प ने नाटो के सामूहिक रक्षा अनुच्छेद के अंतर्गत कीव के लिए गारंटी की इटली की अवधारणा का भी उल्लेख किया।
सुश्री मेलोनी ने आगे कहा, “प्रस्ताव का प्रारंभिक बिंदु एक सामूहिक सुरक्षा खंड की परिभाषा है जो यूक्रेन को संयुक्त राज्य अमेरिका सहित अपने सभी सहयोगियों के समर्थन से लाभान्वित करेगा।”
