खंडवा: सिलोदा गांव में एक पुलिया गड़बड़ी और लापरवाही की मिसाल बनकर सामने आई है। खेतों तक जाने वाले मार्ग पर बनी यह पुलिया अब तक तीन बार बनाई जा चुकी है, लेकिन हर बार पहली ही बारिश में ढह जाती है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता कर सिर्फ औपचारिकता निभाई गई।मौके पर स्थिति यह है कि कंक्रीट के नाम पर केवल गिट्टी-मुरूम डालकर काम पूरा कर दिया गया, जबकि आवश्यक सामग्री का उपयोग नहीं हुआ।
पुलिया के पास पड़ी गिट्टी-डस्ट का इस्तेमाल तक नहीं किया गया, वहीं पाइप के जोड़ पर पतले तारों का इस्तेमाल भी सवाल खड़े करता है, जो किसी तकनीकी मानक के अनुरूप नहीं दिखता।
ग्रामीणों का कहना है कि एक ही पुलिया का बार-बार निर्माण होना जांच और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाता है। उनका आरोप है कि यह सुनियोजित तरीके से सरकारी धन की हेराफेरी का मामला है।पुलिया टूटने से किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। खेतों तक ट्रैक्टर-ट्रॉली नहीं पहुंच पा रही, जिससे खाद, बीज और फसल ढुलाई में भारी दिक्कतें आ रही हैं।
