इंदौर:मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक सोमवार को आयोजित हुई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 25,466 करोड़ रुपए का वार्षिक बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया.बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के ऊर्जा सचिव एवं कंपनी के पदेन चेयरमैन विशेष गढ़पाले ने की. वे भोपाल से वर्चुअल माध्यम से जुड़े, जबकि अन्य सदस्य भी ऑनलाइन शामिल हुए. नया बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 11 प्रतिशत अधिक है. कुल बजट में 23,898 करोड़ रुपए राजस्व व्यय के लिए तथा 1,568 करोड़ रुपए पूंजीगत (कैपेक्स) कार्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं.
बजट का बड़ा हिस्सा बिजली खरीदी और पारेषण कार्यों पर खर्च होगा, जिस पर लगभग 92 प्रतिशत राशि प्रस्तावित है. वहीं वेतन, भत्तों सहित कार्मिक व्यय पर करीब 13 प्रतिशत राशि खर्च की जाएगी. बैठक में ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले ने नई परियोजनाओं, ग्रिड निर्माण और विकास कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए. साथ ही कर्मचारी कल्याण से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर भी सहमति बनी.
सेवाओं में सुधार प्राथमिकता
कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने आगामी वर्ष की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए उपभोक्ता सेवाओं में सुधार, विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता बढ़ाने और कार्यक्षमता में वृद्धि को प्राथमिकता बताया. बैठक में ऊर्जा विभाग के ओएसडी विजय गौर, वित्त विभाग के उपसचिव आर.आर. मीणा, डॉ. अरुणा तिवारी, मुख्य महाप्रबंधक प्रकाश सिंह चौहान, कार्यपालक निदेशक गजरा मेहता, एस.एल. करवाड़िया, संयुक्त सचिव संजय मालवीय, पी.एस. चौहान, अचल जैन, मुख्य वित्त अधिकारी अजयपाल सिंह अवास्या, उप निदेशक बजट शोभित कमल सक्सैना, वरिष्ठ लेखाधिकारी राजेश शर्मा तथा कंपनी सचिव आराधना कुलकर्णी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे
