एयरटेल की डाटा सेंटर कंपनी नेक्स्ट्रा में एक अरब डॉलर के निवेश की घोषणा

नयी दिल्ली, 31 मार्च (वार्ता) दूरसंचार सेवा प्रदाता एयरटेल ने अपनी डाटा सेंटर कंपनी नेक्स्ट्रा में एक अरब डॉलर के निवेश की घोषणा है जिसका इस्तेमाल कंपनी के विस्तार और विकास को गति देने के लिए किया जायेगा।

एयरटेल ने सोमवार रात एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि मुख्य निवेशक एल्फा वेव ग्लोबल होगा जो 43.5 करोड़ डॉलर का निवेश करेगा। कार्लाइल 24 करोड़ डॉलर और एंकरेज कैपिटल 3.5 करोड़ डॉलर का निवेश करेगा। शेष राशि (29 करोड़ डॉलर) का निवेश खुद एयरटेल द्वारा किया जायेगा। अंतिम शेयर होल्डिंग अभी तय नहीं की गयी है, लेकिन एयरटेल ने कहा है कि वह नेक्स्ट्रा में अपनी नियंत्रक हिस्सेदारी बनाये रखेगी। इस सौदे को अभी भारतीय नियामकों से मंजूरी मिलनी शेष है।

इस पूंजी का उपयोग नेक्स्ट्रा की विकास योजनाओं को गति प्रदान करने के लिए किया जायेगा। कंपनी अपनी बुनियादी ढांचा क्षमता को बड़े पैमाने पर बढ़ाने के साथ अपनी सेवाओं के पोर्टफोलियो का विस्तार करने की भी योजना बना रही है ताकि देश के तेजी से बढ़ते डाटा सेंटर सेक्टर में कंपनियों और सरकारी तथा गैर-सरकारी संस्थानों की मांग के अनुरूप खुद को ढाला जा सके।

नेक्स्ट्रा के देश में 14 बड़े कोर डाटा सेंटर और 120 से अधिक एज सुविधाएं हैं। कंपनी को-लोकेशन, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, मैनेज्ड होस्टिंग, डेटा बैकअप, डिजास्टर रिकवरी और एज कंप्यूटिंग सेवाएं प्रदान करती है। पुणे में इसका एक अत्याधुनिक केंद्र है और चेन्नई, मुंबई तथा कोलकाता में अतिरिक्त एआई के लिए तैयार परिसर विकसित किये जा रहे हैं।

कंपनी ने हाल ही में गूगल के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत 15 अरब डॉलर के निवेश से गीगावाट-स्तरीय एआई डेटा सेंटर परिसर विकसित किया जायेगा।

सैविल्स इंडिया की रिपोर्ट के हवाले से प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि देश का डेटा सेंटर बाजार साल 2024 से 2030 के बीच लगभग 21 प्रतिशत की औसत सालाना दर से बढ़कर लगभग 3,400 मेगावाट आईटी क्षमता तक पहुंचने की उम्मीद है।

एयरटेल के कार्यकारी उपाध्यक्ष गोपाल विट्टल ने कहा कि नेक्स्ट्रा देश के सबसे उन्नत डाटा सेंटर नेटवर्क में से एक है। वर्तमान में लगभग 300 मेगावाट क्षमता के साथ कंपनी का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में इसे ए1 गीगावाट तक बढ़ाना है, और लगभग 25 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करनी है। वैश्विक निवेशकों और प्रौद्योगिकी की अग्रणी कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारियां इस विकास रणनीति का मुख्य हिस्सा हैं।

कार्लाइल इंडिया एडवाइजर्स के पार्टनर कपिल मोदी ने विश्वास जताया कि नेक्स्ट्रा देश के दीर्घकालिक डिजिटल अवसंरचना विकास का लाभ उठाने की स्थिति में है। कंपनी ने अपनी क्षमताओं के विस्तार, ग्राहक संबंधों को मजबूत करने और एक भविष्य में विस्तार कर सकने लायक प्लेटफॉर्म बनाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

अल्फा वेव ग्लोबल के सह-संस्थापक रिक गर्सन ने कहा कि उनकी कंपनी का विशेष ध्यान एआई-प्रधान व्यवसायों की पहचान और उनमें निवेश करने पर है, जिनमें एंथ्रोपिक, ओपन एआई, सेरेब्रास, स्पेसएक्स, एक्स.एआई, रैम्प, कॉग्निशन और लॉन्ग लेक मैनेजमेंट शामिल हैं।

अल्फा वेव ग्लोबल के सह-संस्थापक नवरोज़ डी. उदवाडिया ने कहा कि इस समय देश के सामने एआई के क्षेत्र में बहुत बड़ा अवसर है – भारतीय पहले से ही चैटजीपीटी, क्लाउड और अन्य एआई प्लेटफॉर्म के साथ व्यापक रूप से जुड़ रहे हैं। इसलिए, देश में डेटा सेंटर क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, ताकि हाइपरस्केलर्स और लार्ज लैंग्वेज मॉडल की मांग पूरी की जा सके।

 

 

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