
इंदौर। भारत की विदेश नीति ठीक नहीं है। जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने देश की अस्मिता से कभी समझौता नहीं किया। आज भारत कभी चीन, अमेरिका और इजरायल के हुकुम से चल रहा है। अमेरिका पूरे विश्व में कच्चे तेल क्रूड ऑयल पर कब्जा जमाना चाहता है, इसलिए युद्ध दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए कर रहा है। अमेरिका और इजरायल शेयर बाजार से करोड़ों रुपए कमा रहे है। उक्त बात पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कही।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा के निवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने आए थे। इस दौरान उन्होंने वर्मा के पत्नी के इलाज में लापरवाही की जांच कराने का कहते हुए कहा कि हमारे परिवार के बहू के निधन पर मैं समय पर नहीं आ सका। इसका मुझे खेद है। साथ ही सज्जन वर्मा की तारीफ करते हुए बोले कि मैं इस बात से खुश हूं कि पूरा परिवार एक ही जगह रहता है।
दिग्विजय ने कहा कि इजरायल के बेंजामिन नेतन्याहू भारी भ्रष्टाचार के आरोप है। उससे बचने के लिए युद्ध कर रहे है। उन्होंने बताया कि पंडित नेहरू का विश्व में लोहा माना जाता था। उस समय हमारे पास संसाधन भी नहीं थे। इंदिरा गांधी ने अमेरिकी निकसन को ललकार दिया । मतलब यह कि देश की अस्मिता से समझौता नहीं किया गया।
उन्होंने वर्तमान सरकार की विदेश नीति पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आज हमारी स्थिति यह है कि हम कभी चीन , कभी अमेरिका और कभी इजरायल के हुकुम से चल रहे हैं। अमेरिका ने पूरी दुनिया के तेल पर कब्जा जमाना चाहता है। ईरान से समझोता हो रहा था, लेकिन परमाणु बम होने की आशंका के चलते युद्ध शुरू कर दिया। इसी तरह पहले सद्दाम हुसैन के खिलाफ भी यही किया था।
ट्रंप युद्ध रोकने की बात करते है तो क्रूड ऑयल के दाम गिर जाते है और युद्ध करते है तो दाम बढ़ जाते है। अमेरिका और इजरायल इस तरह से शेयर बाजार में करोड़ों रुपए कमा रहे हैं। अभी ईरान के जवाब के बाद ट्रंप को समझ नहीं आ रहा है कि अब करना क्या है।
