गड्ढे में जा समाई कार, तीन जिंदा जले

बालाघाट। एक चलती कार अनियंत्रित होकर गड्ढे में जा गिरी। इससे उसमें आग लग गई, जो इतनी तेजी से फैली कि अंदर बैठे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे में तीन लोग जिंदा जल गए। घटना शनिवार रात 11 से 12 बजे के बीच बैहर-मलाजखंड रूट पर केवलारी चौराहे के पास की है।

मृतकों की पहचान नगारची केलकर (65 वर्ष), सविता केलकर (28 वर्ष) और अभि केलकर (3 वर्ष) के रूप में हुई है। सविता, नगारची की बहू और अभि पोता था।

वहीं कार चला रहा बेटा सीतम केलकर (30) और नगारची की पत्नी नाना बाई केलकर (60) गंभीर रूप से झुलस गए हैं। दोनों को पड़ोसी जिला गोंदिया (महाराष्ट्र) रेफर किया गया है।

जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय कुछ लोग वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने तुरंत कार का कांच फोड़कर तीन लोगों को बाहर निकाला। इनमें 8 साल की बच्ची पूर्वी राहांगडाले पूरी तरह सुरक्षित है। पुलिस के अनुसार, कार चालक सीतम केलकर अपने गृह ग्राम पोंडी (परसवाड़ा, बालाघाट) से पौनी (मलाजखंड) जा रहा था। पौनी में उसकी वेल्डिंग की दुकान है। वह तीन दिन पहले अपनी पत्नी और बच्चे के साथ पोंडी आया था। देर रात वह अपने माता-पिता, पत्नी, मासूम बेटे और पड़ोसी बच्ची पूर्वी के साथ अपनी ऑल्टो कार से पौनी लौट रहा था, तभी हादसा हो गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए बैहर अस्पताल भेज दिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं थाना प्रभारी जयंत मर्सकोले ने बताया कि यह पेट्रोल कार थी। पूरी तरह जल चुकी है। अभी इसका नंबर और मॉडल बता पाना संभव नहीं है। सूचना मिलते ही पुलिस रवाना हो गई थी, तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दे दिया था। मलाजखंड नगर पालिका से पहुंचे फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार सवार तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। वहीं पुलिस ने ड्राइवर को झपकी आने की आशंका भी जताई है। हालांकि, चालक और उसकी मां दोनों आईसीयू में भर्ती हैं। अभी उनके बयान नहीं हुए हैं।

Next Post

शरीर की साधना का अद्भुत खेल है बॉडी बिल्डिंग : सीएम डॉ. यादव

Sun Mar 29 , 2026
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बॉडी बिल्डिंग शरीर की साधना का अद्भुत खेल है। यह साधना संगमरमर की मूर्तियों पर रेखा उकेरने जैसा कठिन कार्य है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को नई ऊंचाइयां मिल रही हैं और नई शिक्षा नीति में […]

You May Like