सतना:मैहर जिले के मुकुंदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले एक महीने से एक भी डॉक्टर नहीं है। जिसके चलते लगभग 10 हजार की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। हालत यह हैं कि अस्पताल में डॉक्टरों के कक्ष खाली पड़े हैं और इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बिना उपचार के लौटना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पहले यहां चार डॉक्टर तैनात थे, लेकिन उनके ट्रांसफर के बाद से अब तक कोई नई नियुक्ति नहीं हुई है। हालांकि, अस्पताल में स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय मौजूद हैं, लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण वे केवल सीमित सेवाएं ही प्रदान कर पा रहे हैं। गंभीर मरीजों को मैहर या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है।
दो दिन में नियुक्त की बात कहीं थी
मुकुंदपुर निवासी शिवम गुप्ता ने बताया कि हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी में रेप्टाइल हाउस के लोकार्पण के लिए आए थे। इस दौरान ग्रामीणों ने डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया था। मंत्री ने दो दिन के भीतर डॉक्टर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन लगभग 20 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द डॉक्टरों की नियुक्ति कर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की मांग की है, ताकि स्थानीय लोगों को समय पर इलाज मिल सके।
