
भोपाल। मध्य प्रदेश में वीआईपी कार्यक्रमों के दौरान नागरिकों, श्रमिकों और सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आ रही हैं। छिंदवाड़ा में हाल ही में हुए बस हादसे में कई लोगों की जान जाने के बाद यह मुद्दा और गहरा गया है। हादसे के शिकार लोग एक कार्यक्रम से लौट रहे थे, जिसमें मुख्यमंत्री शामिल हुए थे।
प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग के अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह घटना भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। उन्होंने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2023 में राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में 14,000 से अधिक लोगों की मौत दर्ज की गई, जिसमें प्रतिदिन औसतन 35 से 38 लोगों की जान जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को जबरन वीआईपी कार्यक्रमों में शामिल करना, उन्हें लंबी दूरी तक ले जाना और बिना पर्याप्त सुरक्षा के वापस भेजना गैर-जिम्मेदाराना और अमानवीय है। गुप्ता ने ऐसे आयोजनों के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया लागू करने, दबाव की प्रथा खत्म करने और सभी प्रतिभागियों के लिए अनिवार्य दुर्घटना बीमा की मांग की।
इसके अलावा, उन्होंने मृतकों के परिजनों को कम से कम एक करोड़ रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, बच्चों की पूरी शिक्षा की जिम्मेदारी और परिवहन, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने की भी मांग की।
