
छिंदवाड़ा। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से देवगढ़ में बने होम स्टे में फ्रांस ने आए मेहमानों का भावभीना स्वागत किया गया। तीन दिन तक रूके फ्रांसीसी मेहमानों ने होमस्टे में रूककर जाना ग्रामीण संस्कृति और कल्चर को जाना। सूदूर अंचल में बसे गांव कलकोट घूमा और भोजन के बाद समां की खीर खाकर कहा-वेरी टेस्टी। देवगढ़ में मिले अपनेपन के मुरीद होकर गए फ्रांस के मेहमानों ने कहा कि वे अपने देश के लोगों को यहां मिली बेमिसाल खातिरदारी के बारे में जरूर बताएंगे। म.प्र. टूरिज्म बोर्ड ने बैक टू विलेज संस्था के साथ मिलकर देवगढ़ गाँव के होम-स्टे को अद्भुत रूप से विकसित किया है। होम-स्टे करने वाले पर्यटक यहाँ दी जा रही बेहतरीन सुविधाओं की तारीफ करते नहीं थकते।
पातालकोट भी देखा
मोहखेड़ ब्लाक के ऐतिहासिक व पर्यटन ग्राम देवगढ़ में रूके फ्रांसीसी विदेशी मेहमानों ने होमस्टे में रूककर पर्यटन स्थल का आनंद उठाया। तीन दिनों के यात्रा के दौरान उन्होंने एक दिन पातलाकोट में बिताया। रातेड़ व चिमटीपुर के व्यू पांइट से उन्होंने पातालकोट देखा और रास्ते में आदिवासी ग्रामीणों से बातचीत की।
कलकोट में देखे आदिवासियों के घर:
देवगढ़ भ्रमण के दौरान फ्रांसीसी मेहमानों ने सूदूर अंचल में बसे गांव कलकोट घूमा। यहां पर मवासी आदिवासियों के घरों में बनने वाले भोजन, उनके रहन-सहन व संस्कृति को समझा। विदेशी मेहमान कलकोट के घरों में देशी परिवेश में भोजन, तीज-त्योहार और कल्चर जैसे विभिन्न गतिविधियों से रूबरू हुए। इसके आलावा देशी पोषक एवं पहनावा, आदिवासियों की श्रृंगार सामाग्री भी देखी।
मक्के की रोटी और चटनी खाई:
विदेशी मेहमानों ने यहां पर परंपरागत भोजन ही किया। मक्के की रोटी, टमाटर की चटनी, समां की खीर- उन्हें बेहद पंसर आई। इन मेहमानों ने गांव में बनी गुल्लक खरीदी और होम स्टे संचालक कविता देवीसिंह धुर्वे को भेंट की। खास बात यह रही कि विदेशी मेहमानों ने होम स्टे के साथ ही ग्रामीणों के घर जाकर भी भोजन किया।
