नयी दिल्ली (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने तेलंगाना सरकार को राज्य में जाति जनगणना कराने के लिए बधाई दी है।
श्री खरगे ने गुरुवार को यहां ‘तेलंगाना सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक, रोजगार, राजनीतिक और जाति सर्वेक्षण 2024’ पर जनगणना विवरण प्रस्तुत करने के बाद एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा “ तेलंगाना ने पूरे देश को एक नयी दिशा दी है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का राज्य में जाति जनगणना कराना वास्तव में एक साहसिक कदम है।” पिछड़ों, अनुसूचित जातियों और अल्पसंख्यकों के बीच एकता का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार जब वे सामाजिक और राजनीतिक रूप से एकजुट हो जाएं और कांग्रेस का समर्थन करते हैं, तो पार्टी को ‘देश भर में 50 से अधिक… 60-70 प्रतिशत समर्थन’ मिल सकता है।
श्री राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए श्री खरगे ने कहा कि जाति जनगणना का मुद्दा उन्होंने ही उठाया था और उनके दबाव के कारण ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रस्तावित आम जनगणना में जाति जनगणना को शामिल करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इस अवसर पर श्री गांधी ने श्री रेवंत रेड्डी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने राज्य में विस्तृत और गहन जाति जनगणना करके उनकी उम्मीदों से बढ़कर काम किया है तथा इससे यह तय होगा कि जाति जनगणना कैसे की जाती है। उन्होंने कहा “इक्कीसवीं सदी में सत्ता आंकड़ों के आधार पर परिभाषित और निर्धारित होती है। तेलंगाना सरकार के पास अब व्यापक आंकड़े हैं जिनके साथ वह लक्षित विकास कर सकती है और राज्य के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंच सकती है।” उन्होंने दावा किया कि आज भारत में किसी भी अन्य राज्य में तेलंगाना की तरह विकास को लक्षित करने की क्षमता नहीं है।
श्री गांधी ने जाति जनगणना के बाद तेलंगाना सरकार के शिक्षा, सरकारी नौकरियों और पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को हटाने जैसी आगे के कदमों का उल्लेख किया।
भाजपा की ओर से जाति जनगणना कराने पर आशंका व्यक्त करते हुए श्री गांधी ने कहा, “भाजपा जाति जनगणना सही तरीके से नहीं करने वाली है। वे ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि वे देशरत के लोगों को उनकी वास्तविक स्थिति नहीं बता सकते—चाहे वे ओबीसी हों, दलित हों, आदिवासी हों या सामान्य जाति के हों।”
अंग्रेजी भाषा का विरोध करने के लिए भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “अगर कोई उन्हीं भाजपा नेताओं से पूछे कि उनके बच्चे कहां पढ़ रहे हैं, तो वे सभी अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में पढ़ रहे होंगे।”
