सिलवानी: जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पड़रिया कला में कराए गए विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। सड़क, नाली, नाडेप और चबूतरा निर्माण जैसे कार्यों को कागजों में पूर्ण दर्शाए जाने और राशि आहरित होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों ने पारदर्शिता और कार्यों की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत दर्पण पोर्टल पर निर्माण कार्यों की जीपीएस लोकेशन व प्रगति से जुड़े फोटो अपलोड किए जाने के बाद ही भुगतान होना चाहिए, लेकिन कई मामलों में यह प्रक्रिया स्पष्ट नहीं दिख रही है।
गांव में केशर सिंह के मकान से इंदर सिंह धाकड़ के घर तक बनने वाली सीसी सड़क अधूरी बताई जा रही है, जबकि संबंधित भुगतान हो चुका है। इसी तरह डुंगरिया खुर्द में प्रस्तावित सड़क व नाली निर्माण कार्य भी मौके पर स्पष्ट रूप से नजर नहीं आने की बात ग्रामीणों ने कही है।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कुछ कार्य, जैसे नाडेप निर्माण और चबूतरा निर्माण, कागजों में दर्शाए गए हैं, लेकिन जमीनी स्थिति की जांच आवश्यक है। इससे पंचायत दर्पण पोर्टल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सभी कार्यों की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।वहीं, ग्राम डुंगरिया खुर्द में बुनियादी सुविधाओं का अभाव भी सामने आया है। करीब 350 आबादी वाले इस आदिवासी बहुल गांव में अब तक पक्की सड़क नहीं पहुंच पाई है। बारिश के दौरान आवागमन में भारी दिक्कत होती है, जिससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि समस्याओं के समाधान के लिए कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
इनका कहना है…
ग्राम पंचयात पड़रिया कला मामले की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नीलम रायकवार, सीईओ सिलवानी
