सरकारी फाइलों में 100% सप्लाई, पर पड़ाना में 7 दिनों से नल सूखे; टैंकरों का सहारा

पड़ाना:पड़ाना गांव के निवासियों के भाग्य में शायद सरकारी सुविधा से साफ पानी पीना लिखा ही नहीं है. जैसे-जैसे यहां कुण्डालिया बांध से जलजीवन मिशन द्वारा पाईप लाईन बिछाकर पेयजल टंकी के माध्यम से जलवितरण को व्यवस्था की गई, लेकिन यह व्यवस्था भी खुद अव्यवस्थाओं का शिकार हो रही है. इसी के कारण बीते करीब 7 दिनों से पड़ाना में पेयजल वितरण नहीं हो पा रहा है. नागरिक हमेशा की तरह टैंकरों, ट्यूबवेल और रीत रहे हैण्डपंपों के भरोसे है.

बीते दो सालों से पढ़ाना में यही दृश्य हर बार गर्मियों से पहले नजर आता है. पूरे ग्रीष्म काल में ये ग्रामीण पानी को लेकर जद्दोजहद करते रहते है. किसी सजा की तरह पढ़ाना के लोगों ने इस पीड़ा को जैसे स्वीकार कर लिया है.जानकारी के अनुसार कुणहालिया बांध से पढ़ना करने के करीब डेढ़ हजार जल उपभोक्ताओं को पेयजल दिया जाना परियोजना में सुनिश्चित है. इसके लिए पाईप लाईन और टंकी की निर्माण हो चुका है. लेकिन पेयजल की सप्लाई सुचारू नहीं है. इस बार जीरापुर और कुण्डालिया बांध के आसपास पाईप लाईन में इमेज आया हुआ है. इसे सुधारने में करीब 5 दिनों का समय गुजर चुका है. बुधवार को राज्यमंत्री हों गौतम टेटवाल प्रशासन के साथ मीटिंग में अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके है.
भैंसवामाताजी एमबीआर तक नहीं पहुंच रहा पानी
जीरापुर से पानी पाईप लाईन द्वारा भैसवामाताजी एमबीआर यानी मेम्बरेस बायी रिएक्टर अर्थात एक तरह से ट्रीटमेंट प्लाट तक पहुंचता है. यहां से पेयजल की लाईन पड़ाना गांव की और जाती है और यहीं से आसपास के करीब 70 नांवों में पेयजल सप्लाई होनी है. लेकिन दुविधा यह है कि जीरापुर के पास फाल्ट के कारण ना तो पेयजल सप्लाई भैसवामाताजी एमबीआर तक हो रही है और ना ही यहां से पड़ाना तक पानी पहुंच रहा है. गत दिवस बुधवार को राज्यमंत्री डॉ गौतम टेटवाल ने कलेक्टर और विभागों के समय समीक्षा बैठक की थी. जिसमें उन्होंने जल निगम विभाग द्वारा पेयजल टंकी निर्माण में देरी और गांवों में जल आपूर्ति व्यवस्था सुधारू न होने पर मंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त की अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि सभी लंबित कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएं मंत्री की फटकार के बाद भी जलजीवन मिशन स्पष्ट तौर पर यह नहीं बता पा रहा है कि कब तक पड़ाना में पेयजल सप्लाई को सुचारू कर दिया जाएगा
कागजों में काम और अवार्ड, धरातल पर परेशानी
जलजीवन मिशन की ओर से बीते दिनों गांवों में शत प्रतिशत पेयजल सप्लाई के रिकॉर्ड दिए गए थे. इसे लेकर अधिकारियों को कई स्तरों पन अवार्ड भी मिले लेकिन मैदानी हकीकत इससे कोसो दूर है यदि इन गांवों पर वास्तविक नाजर दौड़ाई जाए तो 24 घंटे पानी देने की बात सिर्फ रस्म अदायगी है. इसका उदाहरण पड़ाना से ही देखा जा सकता है.
दो साल से पानी के इंतजार में
पड़ाना कस्बे में हालात इस बार भी बीते दो वर्षों की तरह नजर आ रहे है. ग्रामीण करोड़ा की परियोजना होने के बाद भी टैंकरों पर अपनी नंबर को लेकर मशक्कत करते नजर आते है. काम पर जाने के समय ग्रामीणों को पेयजल की जुगत करनी पड़ रही है
जल्द शुरू होगी सप्लाई, काम जारी है
इधर मामले में जलजीवन मिशन के अधिकारी सचिन दागी से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि जीरापुर के समीप लाईन डैमेज होने के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित हुई है उन्होंने बताया कि हमने संबंधित निर्माण एजेंसी को सुसूचित किया है और इस पर सुधार का काम जारी है जल्द एमबीआर भैसवामाताजी तक पानी पहुंचेगा और यहां से पढ़ाना पहुंचेगा.

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