
सीहोर। शिक्षक और छात्र के विश्वास व सम्मान पर आधारित पवित्र रिश्ते को झकझोर देने वाला मामला शहर के शासकीय गल्र्स कॉलेज से सामने आया है. यहां बीए थर्ड ईयर की एक छात्रा ने छेड़छाड़ की शिकायत पर समय पर कार्रवाई न होने से आहत होकर बुधवार रात अपनी कलाई की नस काट ली. इसके बाद कहीं जाकर दोषी प्रोफेसर को गिरफ्तार किया जा सका.
इस घटना ने न केवल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि कॉलेज प्रबंधन की भूमिका को भी कटघरे में ला खड़ा किया है. छात्रा का आरोप है कि 10 मार्च को कॉलेज के एक प्रोफेसर ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी. उसने इस संबंध में कॉलेज प्राचार्य से शिकायत की और अपनी मां को भी पूरी बात बताई। परिजनों के साथ कॉलेज पहुंचकर शिकायत करने के बावजूद, छात्रा का कहना है कि मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश करते हुए आरोपी प्रोफेसर रामविकास प्रजापति से माफी मंगवाकर बात खत्म करने का प्रयास किया.
इसी बीच, छात्रा पर दबाव बनाने के लिए यह अफवाह फैलाई गई कि उसकी मां ने आरोपी से 5 लाख रुपए ले लिए हैं. छात्रा ने इस आरोप को पूरी तरह झूठा बताते हुए खारिज किया है. उसने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बाद से उसे लगातार मानसिक दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा था.
पीडि़त छात्रा ने 23 मार्च को एसपी कार्यालय में भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कार्रवाई में देरी से निराश होकर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया. घटना के बाद छात्रा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है. मामले में पुलिस ने अब छात्रा के बयान दर्ज कर आरोपी प्रोफेसर रामविकास प्रजापति के खिलाफ केस दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है.
आवेदन की जांच के बाद किया गिरफ्तार
गत 23 मार्च को शासकीय कन्या महाविद्यालय की छात्रा द्वारा आवेदन दिया गया था कि उसके साथ उसी के महाविद्यालय के एक प्रोफेसर रामविकास प्रजापति द्वारा छेड़छाड़ कर बुरी नियत से टच किया है. आवेदन की जांच के बाद उक्त आरोपी के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध कर प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया है.
पूजा शर्मा, एसडीओपी सीहोर
