जापान और अमेरिका ने एशिया में आपूर्ति के लिए संयुक्त तेल विकास पर चर्चा की: मोतेगी

टोक्यो, 25 मार्च (वार्ता/स्पूतनिक) जापान और अमेरिका एशिया में तेल की आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए संयुक्त तेल विकास और रणनीतिक भंडार बनाने पर विचार कर रहे हैं  ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में आने वाली बाधाओं के कारण ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने बताया कि इन चर्चाओं में अलास्का से तेल प्राप्त करना, जापान में तेल का भंडार बनाना और क्षेत्रीय ऊर्जा प्रवाह को स्थिर रखने के लिए पश्चिम एशिया के देशों को इसकी आपूर्ति करना शामिल था। उन्होंने कहा, “अमेरिका की हालिया यात्रा के दौरान हमने संयुक्त विकास की संभावना पर चर्चा की, जिसमें अलास्का से तेल प्राप्त करना, जापान में भंडार बनाना और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों को आपूर्ति के लिए उनका उपयोग करना शामिल है।”

उन्होंने कहा कि इस तरह का दृष्टिकोण मध्य-पूर्व में जारी अस्थिरता के बीच न केवल जापान को, बल्कि इस क्षेत्र के अन्य देशों को भी ऊर्जा संसाधन उपलब्ध कराने में मददगार साबित हो सकता है।
जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग राज्य मंत्री रयोसेई अकाज़ावा ने इससे पहले इस बात की पुष्टि करने से इनकार कर दिया था कि क्या दोनों देशों के नेताओं के बीच अमेरिका के साथ एक संयुक्त रिज़र्व परियोजना पर चर्चा होगी। जापान अपनी 94 प्रतिशत तेल आपूर्ति के लिए मध्य-पूर्वी देशों पर निर्भर है, और
इसकी लगभग सभी खेप होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुज़रती हैं, जहाँ जहाज़ों की आवाजाही लगभग पूरी तरह से रुक गई है। सोलह मार्च से जापान 800 लाख बैरल तेल जारी कर रहा है, जो देश की 45 दिनों की तेल आपूर्ति के बराबर है।

अमेरिका और इज़रायल ने 28 फरवरी को ईरान में विभिन्न ठिकानों पर हमले किए, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ और आम नागरिक भी हताहत हुए। इसके जवाब में, ईरान ने इज़रायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किये।

Next Post

डुंगरिया खुर्द में 78 साल बाद भी काला पानी जैसी जिंदगी

Wed Mar 25 , 2026
सिलवानी। आजादी के 78 वर्ष बीत जाने के बावजूद जनपद पंचायत सिलवानी की ग्राम पंचायत पड़रिया कला अंतर्गत आदिवासी बहुल ग्राम डुंगरिया खुर्द आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहा है। गांव तक पक्की सड़क नहीं होने से ग्रामीणों का जीवन मानो ‘काला पानी’ जैसी कठिन परिस्थितियों में गुजर […]

You May Like