इंदौर:मध्यप्रदेश पुलिस अब तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. मानव संसाधन प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में ई-एचआरएम यानि कि इलेक्ट्रॉनिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट प्रणाली की शुरुआत जीआरपी इंदौर से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कर दी गई है. इस ऐतिहासिक पहल के जरिए पुलिसकर्मियों की सेवा पुस्तिका सहित सभी व्यक्तिगत व प्रशासनिक विवरण अब एक क्लिक पर उपलब्ध होंगे.
इस नवाचार को जीआरपी इंदौर में सबसे पहले लागू करने का निर्णय पुलिस मुख्यालय द्वारा संस्थान की कार्यक्षमता, तकनीकी दक्षता और नवाचार के प्रति तत्परता को देखते हुए लिया. पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर संतोष कोरी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण सत्र के माध्यम से हुआ. इस तकनीकी सत्र का संचालन गृह विभाग, म.प्र. शासन के तकनीकी सलाहकार विनीत तिवारी द्वारा किया जिन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-एचआरएम के उपयोग, कार्यप्रणाली और लाभों की विस्तार से जानकारी दी. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेल मनीषा पाठक सोनी, एडिशनल डीसीपी सीमा अलावा, डीएसपी रेल ज्योति शर्मा सहित जीआरपी इंदौर के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे.
ई-एचआरएम प्रणाली के प्रमुख लाभ:
पुलिसकर्मियों की सेवा पुस्तिका, पदोन्नति, स्थानांतरण, वेतन, प्रशिक्षण, छुट्टी और अनुशासनात्मक जानकारी डिजिटल रूप में एक ही प्लेटफॉर्म पर, सभी डेटा ऑनलाइन, सुरक्षित व अद्यतन, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी, प्रशासनिक कार्यप्रणाली में गति, सटीकता और दक्षता का समावेश, ई-एचआरएम न केवल कर्मचारियों के रिकॉर्ड को डिजिटल करता है, बल्कि दस्तावेजीय बोझ, फाइलों की तलाश और समय की बर्बादी को खत्म करता है.
यह प्रणाली भर्ती से सेवानिवृत्ति तक के पूरे सेवा चक्र को एकीकृत रूप से संजोए रखती है, पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों में लागू किया, यह पहल मध्यप्रदेश पुलिस को एक स्मार्ट, पारदर्शी और डिजिटल प्रशासनिक मॉडल की ओर अग्रसर करने में मील का पत्थर साबित होगी, जीआरपी इंदौर को इस पायलट की जिम्मेदारी मिलना, विभागीय नवाचार और अनुशासन का परिचायक है.
