इंदौर: रेसकोर्स रोड स्थित एक बिल्डर के ऑफिस में मंगलवार सुबह धमकी भरे कॉल से हड़कंप मच गया. खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य हैरी बॉक्सर बताने वाले व्यक्ति ने 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी और रकम नहीं देने पर बिल्डर के बेटे को गोली मारने की धमकी दी. मामले की सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच जांच में जुट गई है.जानकारी के अनुसार बिल्डर विवेक दम्मानी के ऑफिस के लैंडलाइन/ऑफिस नंबर पर सुबह करीब 10.30 बजे व्हाट्सएप कॉल आया था. कॉल ऑफिस की एक महिला स्टाफ ने रिसीव किया.
फोन करने वाले ने सीधे तौर पर 5 करोड़ रुपए की मांग करते हुए कहा कि पैसे दे दो, नहीं तो बेटे को कहीं भी गोली मरवा दूंगा. आरोपी ने यह भी कहा कि उसके पास बिल्डर और उनके बेटे की हर गतिविधि और लोकेशन की जानकारी है. साथ ही उसने पुलिस के पास जाने पर भी अंजाम भुगतने की धमकी दी और कहा कि पैसे दिए बिना वह पीछा नहीं छोड़ेगा. शुरुआत में स्टाफ ने इसे मजाक समझा, लेकिन कुछ देर बाद उसी नंबर से आए वॉइस मैसेज में परिवार की लोकेशन से जुड़ी जानकारी मिलने पर मामला गंभीर हो गया, इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. क्राइम ब्रांच थाने में कॉल और वॉइस मैसेज की तकनीकी जांच की जा रही है. आरोपी की लोकेशन और पहचान के लिए साइबर टीम की मदद ली जा रही है.
मामला एसटीएफ को सौंपने की तैयारी
शहर में लॉरेंस विश्नोई गैंग के नाम पर मिल रही वसूली की धमकियों के मामलों में अब सख्ती बढ़ाई जा रही है. हाल ही में एक और बिल्डर को 5 करोड़ रुपए की धमकी मिलने के बाद इस मामले को प्रारंभिक जांच के बाद एसटीएफ को सौंपने की तैयारी की जा रही है. पुलिस के मुताबिक, शहर में अब तक पांच लोगों को गैंग के नाम पर धमकियां मिल चुकी हैं, जबकि प्रदेशभर में ऐसे मामलों की संख्या आठ से अधिक हो गई है. सभी मामलों की जांच के लिए पहले ही एसटीएफ स्तर पर एसआईटी गठित की जा चुकी है.
कुछ दिन पहले तुकोगंज क्षेत्र में बिल्डर संजय जैन को धमकी मिलने पर केस दर्ज किया था, जबकि अन्य मामलों की जांच क्राइम ब्रांच कर रही थी. इसी कड़ी में अशोकनगर से पकड़े गए गैंग के गुर्गे मनीष जांगिड़ को भी रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई थी. इसी बीच, शहर के एक और बिल्डर विवेक दम्मानी को 5 करोड़ रुपए की नई धमकी मिली है. फिलहाल यह मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है और प्रारंभिक जांच जारी है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, इंदौर, खरगोन, अशोकनगर, भोपाल और महू समेत कई जिलों में फैले ऐसे मामलों की जांच एसआईटी कर रही है. पुलिस जांच एजेंसियां गैंग के नेटवर्क और धमकी देने वालों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हैं
