नई दिल्ली | ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी ने अपने करोड़ों ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए प्लेटफॉर्म फीस में लगभग 17 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी कर दी है। जोमैटो द्वारा हाल ही में शुल्क बढ़ाए जाने के ठीक बाद स्विगी ने भी अपने प्लेटफॉर्म शुल्क को ₹14.99 से बढ़ाकर ₹17.58 प्रति ऑर्डर (जीएसटी सहित) कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब ग्राहकों को हर ऑर्डर पर ₹2.59 अतिरिक्त चुकाने होंगे। कंपनी ने ऐप पर बिलिंग विवरण के माध्यम से स्पष्ट किया है कि इस वृद्धि का मुख्य उद्देश्य “प्लेटफॉर्म के संचालन और रखरखाव” की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। दिलचस्प बात यह है कि अगस्त 2023 में जब यह शुल्क शुरू हुआ था, तब यह महज ₹2 था, जो अब कई गुना बढ़ चुका है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि स्विगी और जोमैटो दोनों ही कंपनियां अपनी लाभप्रदता (प्रॉफिटेबिलिटी) को सुधारने और परिचालन लागत को कम करने के लिए ग्राहकों पर यह बोझ डाल रही हैं। कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता, एलपीजी के बढ़ते दाम और लॉजिस्टिक्स खर्चों में वृद्धि ने डिलीवरी इकोसिस्टम को काफी प्रभावित किया है। जोमैटो ने भी पिछले सप्ताह अपनी फीस में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद अब दोनों प्रतिद्वंद्वी कंपनियां लगभग एक समान शुल्क वसूल रही हैं। छोटे ऑर्डर्स पर यह अतिरिक्त ‘मेंटेनेंस फीस’ अब मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है, जो नियमित रूप से बाहर से खाना मंगवाते हैं।
इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है। जहाँ जोमैटो की पैरेंट कंपनी के शेयरों में करीब 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, वहीं स्विगी के शेयर ₹273.40 के स्तर पर सपाट कारोबार करते नजर आए। गौरतलब है कि पिछले छह महीनों में स्विगी के शेयरों में लगभग 40 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है, जो निवेशकों की चिंता को दर्शाता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मैजिकपिन (Magicpin) जैसे अन्य प्रतिस्पर्धी भी इसी राह पर चलते हैं या कम शुल्क के साथ स्विगी और जोमैटो के नाराज ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास करते हैं। फिलहाल, दिल्ली और अन्य बड़े शहरों में यह नया शुल्क प्रभावी हो चुका है।

