ग्वालियर: जीवाजी यूनिवर्सिटी की प्रबंध अध्ययनशाला में ‘मनोबल सत्र-2026’ के समापन अवसर पर “परीक्षा के दौरान तनाव प्रबंधन” विषय पर वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को परीक्षा के समय तनाव से निपटने के प्रभावी उपाय बताए गए।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में बी.एस.एस.एस. महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. विनय मिश्रा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि “तनाव सोचने से नहीं, बल्कि एक्शन लेने से कम होता है।” उन्होंने बताया कि तनाव की एक सीमा तक रहने पर प्रदर्शन बेहतर होता है, लेकिन सीमा से अधिक होने पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए विद्यार्थियों को ओवरथिंकिंग से बचते हुए छोटे-छोटे एक्शन लेने चाहिए।डॉ. मिश्रा ने पढ़ाई के दौरान नियमित अंतराल पर 5 मिनट का ब्रेक लेने, अध्ययन सामग्री को हाईलाइट करके पढ़ने और स्मार्ट स्टडी तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सही रणनीति के साथ पढ़ाई करने से तनाव स्वतः कम हो जाता है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि परीक्षा जीवन का अंतिम निर्धारक नहीं होती है। तनाव से दूर रहकर आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें, परिणाम निश्चित रूप से सकारात्मक होगा।उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की चिंता या परेशानी होने पर उसे अपने मित्रों या परिवारजनों के साथ साझा करना चाहिए। निरंतर सीखते रहना ही जीवन में आगे बढ़ने का मूल मंत्र है।इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक डॉ. साधना श्रीवास्तव, डॉ. सुनीषा कुलकर्णी सहित छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहे।
