नयी दिल्ली, 28 जुलाई (वार्ता) सरकार ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम (एमएसएमई क्षेत्र) की इकाइयों की सुविधा के लिए लागू नये डिजिटल क्रेडिट मूल्यांकन मॉडल के अंतर्गत चालू वित्त वर्ष में पहली अप्रैल से 15 जुलाई के बीच सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) द्वारा कुल 98,995 ऋण आवेदन मंजूर किए गए हैं।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सदन को यह जानकारी देते हुए कहा कि नये डिजिटल क्रेडिट मूल्यांकन मॉडल के माध्यम से बैंक ऋण पर निर्णय एक दिन के भीतर लिया जाता है, जिससे मैनुअल तरीकों की तुलना में कार्य निष्पादन समय (टीएटी) में काफी कमी आयी है। इस मॉडल के उपयोग से एमएसएमई इकाइयों को ऑनलाइन मोड में कहीं से भी आवेदन प्रस्तुत करने की आसानी, कागजी कार्रवाई और शाखा में जाने की आवश्यकता कम होने, डिजिटल मोड के माध्यम से तत्काल मंजूरी, ठोस सूचना और कारोबार के आधार पर ऋण संबंधी निर्णय जैसे लाभ हो रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि नए मॉडल के तहत ऋण संबंधी निर्णय उधारकर्ता के वस्तुनिष्ठ आंकड़ों तथा कारोबार के व्यवहार और आवेदक के कर्ज संबंधी इतिहास पर आधारित होता है।
केंद्रीय बजट 2024-25 में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए नये डिजिटल ऋण मूल्यांकन मॉडल की घोषणा की गई थी। इसके पीछे सोच यह थी कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसबी) एमएसएमई को ऋण प्रदान करने के लिए बाहरी मूल्यांकन पर निर्भर रहने की बजाय इस काम के लिए अपने ही यहां क्षमता का निर्माण करेंगे। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को एमएसएमई इकाइयों के डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर ऋण मूल्यांकन का यह मॉडल विकसित करना था।
वित्त मंत्री ने गत 6 मार्च को एमएसएमई के लिए इस नए ऋण मूल्यांकन मॉडल का शुभारंभ किया था।
