नयी दिल्ली, 23 मार्च (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई से जुड़े मामले में कुल 34.51 करोड़ रुपये की 35 चल-अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। यह संपत्तियां बर्नाडेट भारत वर्मा, भारतकुमार शंकरलाल वर्मा और अन्य संबंधित व्यक्तियों की बताई जा रही हैं।
ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई जांच के आधार पर की गई है। जांच की शुरुआत कफ परेड पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले से हुई थी, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराएं लगाई गई थीं।
जांच में सामने आया कि बर्नाडेट भारत वर्मा, जो यूनाइटेड सर्विसेज क्लब में डिप्टी सेक्रेटरी (फाइनेंस) के पद पर कार्यरत थीं, ने अपने पति भारतकुमार वर्मा के साथ मिलकर कथित तौर पर फर्जी बैंक खाता खुलवाए। ये खाता क्लब के नियमित वेंडरों के नाम से मिलते-जुलते नामों पर खोले गये थे।
ईडी के मुताबिक, इन फर्जी खातों में यूनाइटेड सर्विसेज क्लब के करीब 77 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। बाद में इस राशि को वर्मा दंपती और उनके साथियों के निजी और संयुक्त खातों में ट्रांसफर कर दिया गया, जो ‘अपराध से अर्जित आय’ माने गए।
जांच में यह भी सामने आया कि इस अवैध धन का इस्तेमाल कई संपत्तियां खरीदने और विभिन्न बैंकों में फिक्स्ड डिपाजिट कराने में किया गया। इसके अलावा, करीब 11 करोड़ रुपये ज्योतिर्गमय फाउंडेशन (ट्रस्ट) के खाते में भेजे गए, जिन्हें बाद में चार्टर्ड अकाउंटेंट चंद्र प्रकाश पांडे और उनके परिवार व उनसे जुड़ी वारंटियों के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।
ईडी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।
